आज लोग बॉडी पॉलिशिंग से लेकर मेनीक्योर-पेडिक्योर करवाते हैं, लेकिन पहले के टाइम में उबटन लगाने का प्रचलन था. जो त्वचा की टैनिंग हटाने से लेकर डेड स्किन रिमूव करने और त्वचा को कोमल बनाने तक में हेल्पफुल रहता है. उबटन का फायदा ये होता है कि आप इसे फेस के साथ ही पूरी बॉडी पर अप्लाई कर सकते हैं. लोग इसे बेसन, हल्दी, चंदन, और कुछ तेलों के साथ मिलाकर बनाते थे.
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मुल्तानी मिट्टी एक ऐसा इनग्रेडिएंट है जो बहुत पुराने जमाने से इस्तेमाल होता आ रहा है. लोग पहले बालों को धोने के लिए भी मुल्तानी मिट्टी का यूज किया करते थे. इसके अलावा गर्मियों में होने वाले स्किन रैशेज से लेकर घमौरियो तक से राहत दिलाने में मुल्तानी मिट्टी काफी कारगर रहती है.
नीम कई औषधीय गुणों से भरपूर है. पहले के टाइम में जब त्वचा पर दाने निकल आते थे या मुंहासे होते थे तो लोग नीम का यूज किया करते थे. फोड़े-फुंसियों और एक्ने से छुटकारा पाने के लिए नीम की पत्तियों का लेप लगाया जा सकता है. इसके फलों को पीसकर लगा सकते हैं तो वहीं इसकी छाल घिसकर लगाने से चेहरे के दाग-धब्बे भी दूर होते हैं. नीम के पानी से नहाना भी त्वचा के लिए फायदेमंद रहता है.
नारियल का तेल भी पुराने जमाने से खाने के अलावा त्वचा और बालों के लिए यूज होता आ रहा है. पहले लोग मॉइस्चराइजर की जगह नारियल का तेल ही लगाते थे. ये त्वचा को नमी देने के साथ ही पोषण भी देता है. ड्राई स्किन बालों के लिए कोकोनट ऑयल किसी वरदान से कम नहीं है.
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मेहंदी हमेशा से महिलाओं के श्रृंगार का हिस्सा रही है, लेकिन इसकी कूलिंग प्रॉपर्टीज भी इसे खास बनाती हैं. गर्मियों में हाथ-पैरों के तलवों में जलन की समस्या हो जाती है. ऐसे में लोग पत्ते वाली मेहंदी पीसकर इसका लेप लगाते थे. अब बालों को रंगने के लिए मार्केट में कई कलर मौजूद हैं, लेकिन हेयर केयर में बहुत पुराने जमाने से मेहंदी का यूज होता आ रहा है जो नेचुरल कलर देने का काम भी करती है.
आज मार्केट में एक से बढ़कर एक महंगे और बड़े ब्रांड के शैंपू मौजूद हैं, लेकिन फिर भी लोगों को हेयर फॉल की शिकायत रहती है. पहले के जमाने में लोग नेचुरल क्लींजर यानी रीठा का यूज बाल धोने के लिए करते थे. ये स्कैल्प और बालों की गहराई से सफाई करता है, साथ ही किसी तरह के साइड इफेक्ट का डर भी नहीं रहता है.
रीठा की तरह ही लोग बालों की स्वस्थ रखने के लिए पहले शिकाकाई-आंवला का यूज करते थे. अब कई तरह के हेयर मास्क ट्रेंड में हैं, लेकिन इन इनग्रेडिएंट का आज भी कोई मुकाबला नहीं है. सूखे आंवला और शिकाकाई को भिगोकर इसका लेप जैसा बनाकर बालों में लगाया जा सकता है जिससे बाल काले भी होते हैं और हेल्दी भी बनते हैं.





