फलों को डेली डाइट का हिस्सा बनाने से शरीर में कई माइक्रो न्यूट्रिएंट्स की कमी पूरी होती रहती है. सीजनल फल हमें बदलते मौसम में हेल्दी रखने में मदद करते हैं. भारत में हर मौसम में अलग-अलग तरह के वैरायटी आती हैं. एक ही फ्रूट की कई किस्में मिल जाएंगी, जिनका स्वाद और टेक्स्चर बिल्कुल अलग होता है. इन्हीं खासियतों के चलते सरकार की तरफ से कुछ फूड को GI (जीआई) टैग दिया जाता है जो किसी भी प्रोडक्ट को लेकर ये तय करता है कि वो उसी पर्टिकुलर एरिया में सबसे अच्छी गुणवत्ता में तैयार होता है. तो चलिए हम जान लेते हैं ऐसे ही 5 जीआई टैग वाले फलों के बारे में.

भारत की समृद्ध क्षेत्रीय फसलों से लेकर यहां की कला, शिल्प को को संरक्षित करने के लिए भी जीआई टैग दिया जाता है ताकि इन्हें बढ़ावा मिले. इस तरह से फल-सब्जियों से लेकर कलात्मक तरीके से तैयार किए गए प्रोडक्ट को एक पहचान मिलती है.जान लेते हैं जीआई टैग वाले फल, उनकी खासियत क्या है.
GI टैग वाले भारतीय फल
GI टैग वाले मैंगो
भारत के रीजनल फलों की बात करें तो गिर केसर आम को गुजरात के जूनागढ़,सौराष्ट्र क्षेत्र और गिर सोमनाथ का जीआई टैग मिला हुआ है. इसके अलावा मलिहाबादी दशहरी, बंगनापल्ली आम, अप्पेमिडी आम को भी जीआई टैग मिला हुआ है. आम की ये सभी किस्में अपने विशिष्ट स्वाद और सुगंध के लिए जानी जाती हैं.
के मुताबिक आम में फाइबर, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम, फास्फोरस, के अलावा विटामिन सी अच्छी मात्रा में पाया जाता है. ये फोलेट का भी सोर्स है, तो वहीं इसमें विटामिन ए भी होता है.
जीआई टैग वाले संतरा
बात अगर संतरा की हो और नागपुर का नाम न आए ऐसा तो हो ही नहीं सकता है. महाराष्ट्र के नागपुर के संतरा को इसके बैलेंस खट्टे-मीठे स्वाद और भरपूर रस के लिए जाना जाता है. इसके अलावा कर्नाटक के कुर्ग के संतरा से लेकर दार्जिलिंग का मंदारिन संतरा भी प्रीमियम कैटेगरी में आता है और इनको भी जाआई टैग दिया गया है.
संतरा विटामिन सी का बेहतरीन सोर्स है ये तो ज्यादातर लोगों को पता होता है, लेकिन इसमें कई और न्यूट्रिएंट्स भी पाए जाते हैं. के मुताबिक, संतरा में 88 प्रतिशत पानी होता है. इसके अलावा इसमें प्रोटीन, फाइबर, फोलेट, कैल्शियम और पोटेशियम भी पाया जाता है.
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GI टैग वाला अनानास
केरल में उगाए जाने वाले वाझाकुलम अनानास को भी जीआई टैग दिया गया है. इसका स्वाद बेहद मीठा, नरम और सुगंध भी कमाल की होती है. इस वजह से इसे “अनानास की रानी” भी कहते हैं. मेघालय के केव अनानास को भी जीआई टैग मिला हुआ है.
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के मुताबिक, अनानास में विटामिन सी की अच्छी मात्रा होती है. ये पोटेशियम का भी बढ़िया सोर्स है तो वहीं कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, फोलेट, कैरोटीन बीटा, से भी भरपूर फल है.
प्रयागराज का सुरखा अमरूद
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में उगाए जाने वाले सुरखा अमरूद को जीआई टैग इसके गुलाबी रंग के लिए दिया गया है तो वहीं अपनी कमाल की सुगंध के लिए भी ये अमरूद खास पहचान रखता है. बाकी अमरूदों की तुलना में ये अमरूद काफी नरम होते हैं.
ट्रॉपिकल फल होने के बावजूद अमरूद में विटामिन सी की हाई मात्रा होती है. से 228 मिलीग्राम विटामिन सी मिलता है, इसलिए ये आपकी इम्यूनिटी बूस्ट करने से लेकर त्वचा को हेल्दी रखने में हेल्पफुल होता है तो वहीं फाइबर का बढ़िया सोर्स होने की वजह से पाचन में भी मदद करता है. अमरूद में कैल्शियम समेत कई मिनरल्स भी पाए जाते हैं.
मणिपुर के कचाई नींबू
गर्मियों के सीजन में नींबू की मांग मार्केट में काफी बढ़ जाती है. विटामिन सी से भरपूर ये फल अपनी फ्रेशनेस के लिए जान जाता है तो वहीं इसकी तेज खटास ही इसे खास बनाती है. मणिपुर के कचाई नींबू को जीआई टैग प्राप्त है. इसमें रस काफी ज्यादा निकलता है और माना जाता है कि इसमें विटामिन सी की मात्रा भी ज्यादा होती है.
कई हेल्थ प्रॉब्लम जैसे मितली, कमजोरी, थकान, गर्मी से होने वाले सिरदर्द से राहत दिलाने में हेल्पफुल रहता है. इसमें विटामिन सी के अलावा बी कॉम्प्लेक्स के विटामिन जैसे बी6, फोलेट होते हैं. तो वहीं इसमें कैल्शियम, फास्फोरस, पोटेशियम, विटामिन ए, भी पाया जाता है.





