Hanta Virus: हंता वायरस एक गंभीर वायरस है, जो आमतौर पर संक्रमित चूहों या उनके मल-मूत्र और लार के संपर्क में आने से फैल सकता है. यह वायरस धीरे-धीरे शरीर को प्रभावित करता है और कई मामलों में फेफड़ों से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है. भारत में भी हंता वायरस को लेकर अलर्ट जारी है. डॉक्टर और एक्सपर्ट हंटा वायरस से बचने के उपाय बता रहे हैं. ऐसे में सवाल ये है कि आखिर हंता वायरस का खतरा किन लोगों को ज्यादा हो सकता है.
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अगर आप भी इस सवाल का जवाब चाहते हैं तो ये आर्टिकल आपके लिए है. यहां हम एक्सपर्ट से जानते हैं कि हंता वायरस का खतरा किन लोगों को ज्यादा है और इससे कैसे बचाव कर सकते हैं.
किन लोगों को हंता वायरस का खतरा?
गोरखपुर के रीजेंसी हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन कंसलटेंट के डॉ. विजय कुमार शर्मा बताते हैं कि, ऐसी जगहों पर जहां लंबे समय से सफाई नहीं हुई हो और धूल-मिट्टी या चूहों की मौजूदगी हो, वहां हंता वायरस फैलने का खतरा ज्यादा रहता है. सफाई के दौरान जब संक्रमित धूल के कण हवा में मिलते हैं, तो यह वायरस सांस के जरिए शरीर में पहुंच सकता है।. एक्सपर्ट् के अनुसार, गोदाम, खेत, बेसमेंट, पुराने बंद कमरे और स्टोर रूम जैसी जगहों पर काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है. खासकर किसान, सफाईकर्मी और वे लोग जो अक्सर चूहों या उनकी गंदगी के संपर्क में आते हैं, उनमें संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है.
हंता वायरस के शुरुआती लक्षण
हंता वायरस के शुरुआती लक्षण बेहद आम होते हैं. ऐसे में अक्सर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं. जैसे मरीज को तेज बुखार, शरीर और मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, कमजोरी और थकान महसूस होना. कुछ मामलों में सांस लेने में दिक्कत, सीने में जकड़न और फेफड़ों में संक्रमण जैसी गंभीर स्थिति भी बन सकती है. ऐसे में अगर आपको भी ये लक्षण नजर आएं तो इन्हें नजरअंदाज न करें बल्कि तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
कैसे करें हंता वायरस से बचाव
एक्सपर्ट ने हंता वायरस से बचाव के भी कुछ तरीके बताए हैं, जो काफी हद तक काम आ सकते हैं. उनके मुताबिक, आपको अपने घर और आसपास में साफ-सफाई का खास ध्यान रखना है. ताकि चूहें घर में न सकें और दूर ही रहें. जहां चूहों का खतरा हो, वहां सफाई करते समय मास्क और दस्ताने पहनना चाहिए. सूखी धूल को सीधे झाड़ने की बजाय पहले कीटाणुनाशक का छिड़काव करना बेहतर माना जाता है.





