Viral

जनरल सुलेमानी के बदले इवांका…! ट्रंप की बेटी की हत्या की कोशिश, IRGC की साजिश नाकाम

Donald Trump Daughter: अमेरिका से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है, डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप को मारने की कोशिश की गई. इवांका ट्रंप IRGC के निशाने पर हैं. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े एक आतंकवादी ने ये खुलासा किया है, कि उसने कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेने के लिए इवांका ट्रंप की हत्या का प्लान बनाया था.

जनरल सुलेमानी के बदले इवांका…! ट्रंप की बेटी की हत्या की कोशिश, IRGC की साजिश नाकाम
जनरल सुलेमानी के बदले इवांका…! ट्रंप की बेटी की हत्या की कोशिश, IRGC की साजिश नाकाम

लेना चाहता था मौत का बदला
इराकी नागरिक मोहम्मद बाघेर साद दाऊद अल-सादी, कासिम सुलेमानी की मौत वाले US ड्रोन हमले का बदला लेना चाहता था, उसने ही कथित तौर पर इवांका को मारने का वादा किया था, उसके पास इवांका के फ्लोरिडा वाले घर का ब्लूप्रिंट था और उसने ऑनलाइन धमकी पोस्ट करके चेतावनी दी थी कि “न तो तुम्हारे महल और न ही सीक्रेट सर्विस तुम्हारी रक्षा करेगी.

Khabar Monkey

आतंकी को किया गया गिरफ्तार
रिपोर्ट में कहा गया है कि अल-सादी, को 15 मई को तुर्की में गिरफ्तार किया गया और US को सौंप दिया गया है. उस पर यूरोप और यूनाइटेड स्टेट्स में 18 हमलों और हमलों की कोशिशों से जुड़े आरोप हैं, जिसमें एम्स्टर्डम, लंदन, टोरंटो और बेल्जियम में US और यहूदी ठिकानों पर हमले शामिल हैं. इराक-ईरान की वो आतंकी गतिविधियों में लिप्त रहता था.

बार-बार मारने की करता था बात
पूर्व इराकी डिप्लोमैट एंटिफाध कंबर ने अखबार को बताया कि अल-सादी बार-बार इवांका ट्रंप को मारने की बात करता था, वह कहता था कि “जिस तरह उसने हमारा घर जलाया था, उसी तरह ट्रंप का घर भी जला देगा. अल-सादी ईरान के सपोर्ट वाले मिलिशिया कताइब हिज्बुल्लाह की तरफ से काम करता था और IRGC के साथ उसके करीबी रिश्ते थे. रिसर्चर और पहले बंधक रही एलिजाबेथ त्सुर्कोव ने कथित तौर पर कहा कि संदिग्ध के सुलेमानी और बाद में उसके बाद आए इस्माइल कानी से करीबी कनेक्शन थे.

कहां रखा गया है सादी?
जांच करने वालों का यह भी आरोप है कि अल-सादी ने देशों के बीच आने-जाने और टेरर सेल के साथ कोऑर्डिनेट करने के लिए इराकी सर्विस पासपोर्ट और एक ट्रैवल एजेंसी का इस्तेमाल कवर के तौर पर किया. अपनी कथित गुप्त भूमिका के बावजूद, वह अक्सर सोशल मीडिया पर पोस्ट करता था, जिसमें यूरोपीय स्थलों की सेल्फी और हथियार प्रणालियों से जुड़ी तस्वीरें साझा की जाती थीं. अल-सादी को वर्तमान में ब्रुकलिन के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में एकांत कारावास में रखा गया है.

Leave a Reply