Income tax rules: डिजिटल पेमेंट के इस दौर में भी भारत में नकदी यानी कैश का चलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. रोजमर्रा की खरीदारी से लेकर प्रॉपर्टी की खरीदफरोख्त तक, लोग कैश में लेनदेन करना सुविधाजनक मानते हैं. लेकिन, आयकर अधिनियम 2025 के तहत नकदी के इस्तेमाल को लेकर कई कड़े नियम लागू हैं. इन नियमों का मकसद टैक्स चोरी रोकना और अर्थव्यवस्था को पारदर्शी बनाना है. अगर आप जानेअनजाने में इन सीमाओं को पार करते हैं, तो आपको भारी भरकम पेनल्टी का सामना करना पड़ सकता है. टैक्स2विन के सीईओ और चार्टर्ड अकाउंटेंट अभिषेक सोनी ने कैश ट्रांजैक्शन से जुड़े 8 ऐसे अहम नियमों की जानकारी दी है, जिन्हें समझना हर आम आदमी और टैक्सपेयर के लिए बेहद जरूरी है.

- नकद प्राप्ति की सीमा : नियमों के मुताबिक, आप किसी एक व्यक्ति से, एक दिन में या किसी एक आयोजन के लिए 2 लाख रुपये या उससे अधिक की रकम नकद में नहीं ले सकते. अगर आप यह नियम तोड़ते हैं, तो आयकर विभाग ली गई पूरी रकम के बराबर जुर्माना लगा सकता है.
- लोन या डिपॉजिट लेना : अगर आप किसी से कर्ज ले रहे हैं या कोई डिपॉजिट स्वीकार कर रहे हैं, तो नकद में 20,000 रुपये या उससे ज्यादा नहीं लिए जा सकते. जुर्माने से बचने के लिए 20 हजार या उससे अधिक का लोन हमेशा चेक या बैंक ट्रांसफर के जरिए ही लें.
- कर्ज चुकाने की सीमा : जिस तरह लोन लेने की सीमा है, उसी तरह उसे चुकाने के भी नियम हैं. आप 20,000 रुपये या उससे ज्यादा के कर्ज की अदायगी नकद में नहीं कर सकते. इसके लिए भी बैंकिंग चैनल का इस्तेमाल अनिवार्य है.
- बिजनेस खर्च का भुगतान : अगर आप कारोबारी हैं, तो एक दिन में किसी एक व्यक्ति को 10,000 रुपये से ज्यादा का नकद भुगतान करके उसे टैक्स छूट के रूप में क्लेम नहीं कर सकते. हालांकि, ट्रांसपोर्ट या माल ढुलाई के बिजनेस से जुड़े लोगों के लिए यह छूट 35,000 रुपये तक है.
- नकद चंदा या दान : सेक्शन 80G के तहत टैक्स बचाने के लिए लोग दान करते हैं. लेकिन अगर आप 2,000 रुपये से ज्यादा का चंदा नकद में देते हैं, तो आपको इस पर कोई टैक्स छूट नहीं मिलेगी. छूट पाने के लिए दान ऑनलाइन या चेक से ही करें.
- बैंक से बड़ा कैश निकालना: वैसे तो अपने ही बैंक खाते से नकदी निकालने पर कोई पाबंदी नहीं है, लेकिन बड़े विड्रॉल की जानकारी सीधे आयकर विभाग को जाती है. अगर आपकी निकासी एक तय सीमा को पार कर जाती है, तो सेक्शन 194N के तहत बैंक उस रकम पर टीडीएस काट लेता है
- प्रॉपर्टी लेनदेन में नकदी : घर या जमीन खरीदतेबेचते समय कैश में बड़ा भुगतान करना खतरनाक हो सकता है. सेक्शन 269SS के तहत प्रॉपर्टी के सौदे में 20,000 रुपये या उससे अधिक का कोई भी एडवांस या भुगतान नकद में करने पर भारी जुर्माना लग सकता है.
- ट्रांजैक्शन को टुकड़ों में बांटना : कई लोग पेनल्टी से बचने के लिए एक बड़े नकद भुगतान को कई छोटेछोटे हिस्सों में बांट देते हैं. लेकिन, अगर वे सभी भुगतान एक ही सौदे या कार्यक्रम से जुड़े हैं, तो आयकर विभाग उन्हें एक ही ट्रांजैक्शन मानता है. ऐसी चालाकी पकड़े जाने पर नियमों के तहत पूरी सख्ती से जुर्माना वसूला जाता है.




