IPL Bonus Point Rule: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में हर सीजन प्लेऑफ की दौड़ बेहद रोमांचक रहती है, लेकिन पॉइंट सिस्टम को लेकर चर्चा समय-समय पर होती रहती है। इस बार पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने एक ऐसा सुझाव दिया है, जिसने क्रिकेट फैंस के बीच नई बहस छेड़ दी है। उनका मानना है कि टूर्नामेंट में बड़ी जीत हासिल करने वाली टीमों को अतिरिक्त अंक मिलने चाहिए, जिससे प्रतियोगिता और अधिक दिलचस्प बन सके।

फिलहाल क्या है आईपीएल का नियम?
आईपीएल की शुरुआत 2008 में हुई थी और तब से अंक प्रणाली में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। मौजूदा नियम के अनुसार किसी भी मैच में जीत दर्ज करने वाली टीम को दो अंक मिलते हैं, जबकि हारने वाली टीम को कोई अंक नहीं मिलता। अगर मुकाबला बारिश या अन्य कारणों से रद्द हो जाए तो दोनों टीमों को एक-एक अंक दिया जाता है।
दिलचस्प बात यह है कि जीत का अंतर कितना भी बड़ा क्यों न हो, अंक समान ही रहते हैं। चाहे टीम आखिरी गेंद पर एक रन से जीते या फिर 100 रनों से मुकाबला अपने नाम करे, उसे दो ही अंक मिलते हैं। बड़े अंतर की जीत का फायदा सिर्फ नेट रन रेट के रूप में देखने को मिलता है।
आकाश चोपड़ा ने दिया नया सुझाव
आकाश चोपड़ा का मानना है कि आईपीएल में बोनस पॉइंट की व्यवस्था लागू करने पर विचार होना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी राय साझा करते हुए लिखा- काश आईपीएल भी बड़ी जीत के लिए बोनस प्वाइंट्स का विकल्प अपना ले। दरअसल आकाश चोपड़ा का मानना है कि इससे टीमों को सिर्फ जीत दर्ज करने की नहीं, बल्कि प्रभावशाली जीत हासिल करने की भी प्रेरणा मिलेगी। साथ ही दर्शकों को भी ज्यादा आक्रामक और प्रतिस्पर्धी क्रिकेट देखने को मिलेगा।
I wish IPL adopts the Bonus Point option for a massive win…
Khabar Monkey
— Aakash Chopra (@cricketaakash) May 21, 2026
SA20 में पहले से लागू है यह नियम
की टी20 लीग SA20 में बोनस पॉइंट सिस्टम पहले से लागू है। वहां यदि कोई टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए निर्धारित 20 ओवर के मुकाबले 16 ओवर के भीतर मैच जीत लेती है तो उसे एक अतिरिक्त अंक मिलता है। वहीं पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को बोनस पॉइंट तब मिलता है, जब वह विपक्षी टीम को अपने स्कोर के मुकाबले 20 प्रतिशत से अधिक अंतर से पीछे रोक दे। इस नियम का उद्देश्य बड़ी और प्रभावशाली जीत को प्रोत्साहित करना है।
अगर भविष्य में में भी ऐसा नियम लागू होता है तो अंक तालिका का गणित पूरी तरह बदल सकता है। कई बार कम मैच जीतने वाली टीम भी बोनस अंक के सहारे ऊपर पहुंच सकती है। इससे प्लेऑफ की लड़ाई आखिरी चरण तक खुली रह सकती है और हर मुकाबले का महत्व और बढ़ जाएगा।





