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मुंबई के पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट का बड़ा दावा! ‘धुरंधर 2’ में दिखाई गई दाऊद इब्राहिम की बीमारी 80% सच

Dhurandhar 2 Dawood Ibrahim Health: मुंबई पुलिस के पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट और तेजतर्रार अफसर प्रदीप शर्मा इन दिनों अपनी जिंदगी पर बनने वाली फिल्म ‘अब तक 112’ को लेकर चर्चा में हैं. 90 के दशक में जब मुंबई अंडरवर्ल्ड के डर में जी रही थी, तब प्रदीप शर्मा जैसे अफसरों ने गैंगस्टर्स के खिलाफ मोर्चा संभाला था. हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने अपनी जिंदगी, पुलिस सिस्टम, अंडरवर्ल्ड और बॉलीवुड से जुड़े कई बड़े खुलासे किए. उन्होंने बताया कि कैसे एक प्रोफेसर के बेटे ने पुलिस की वर्दी पहनने का सपना देखा.

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मुंबई के पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट का बड़ा दावा! ‘धुरंधर 2’ में दिखाई गई दाऊद इब्राहिम की बीमारी 80% सच
मुंबई के पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट का बड़ा दावा! ‘धुरंधर 2’ में दिखाई गई दाऊद इब्राहिम की बीमारी 80% सच

फिर मुंबई के सबसे फेमस पुलिस अफसरों में शामिल हो गए. प्रदीप शर्मा ने बताया कि उनके पिता कॉलेज में अंग्रेजी के प्रोफेसर और वाइस प्रिंसिपल थे. परिवार चाहता था कि वे प्रोफेसर या साइंटिस्ट बनें. उन्होंने एमएससी तक पढ़ाई भी की थी. लेकिन बचपन में उनके घर के पास रहने वाले एक पुलिस इंस्पेक्टर को यूनिफॉर्म में बुलेट बाइक पर जाते देख उनके मन में पुलिस की नौकरी का आकर्षण पैदा हो गया. उन्हें हमेशा अलग और चुनौती भरी जिंदगी पसंद थी. यही वजह रही कि उन्होंने पुलिस की नौकरी चुनी और आगे चलकर बड़े-बड़े गैंगस्टर्स के खड़े हुए.

90s की मुंबई में था डर का माहौल
उन्होंने बताया कि उस दौर में मुंबई पूरी तरह अंडरवर्ल्ड के साए में जी रही थी. दाऊद इब्राहिम, छोटा राजन, अरुण गवली और अमर नाइक जैसे गैंगस्टर्स का शहर में जबरदस्त खौफ था. आए दिन शूटआउट की खबरें सामने आती थीं और बड़े बिजनेसमैन से लेकर फिल्म स्टार्स तक को धमकी भरे फोन आते थे. आम लोग भी डर के माहौल में जिंदगी गुजार रहे थे. अगर कोई नई कार खरीदता या नया घर बनवाता, तो गैंगस्टर्स के लोग तुरंत पैसों की डिमांड करने लगते थे. हालात ऐसे थे कि लोग दाऊद के नाम वाले लॉकेट और ब्रेसलेट तक पहनने लगे थे.

बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड का कनेक्शन
प्रदीप शर्मा ने बताया कि उस समय फिल्म इंडस्ट्री के लोग काफी डरे हुए रहते थे. गैंगस्टर्स एक्टर्स और प्रोड्यूसर्स को धमकाते थे कि अगर उनकी बात नहीं मानी गई तो उन पर हमला कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि कई कलाकार डर की वजह से अंडरवर्ल्ड की बातें मान लेते थे. उस समय वे एंटी एक्सटॉर्शन सेल में थे और फिल्म इंडस्ट्री के कई लोग मदद के लिए उनके पास आते थे. उन्होंने ये भी कहा कि ‘धुरंधर 2’ जैसी फिल्मों और सीरीज में दाऊद इब्राहिम को बीमार दिखाया जाता है और असलियत में भी काफी हद तक ऐसी ही है.

सिस्टम पर भी उठाए सवाल
इंटरव्यू में प्रदीप शर्मा ने पुलिस सिस्टम को लेकर भी खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि ईमानदार और मेहनती पुलिस अफसरों को सिस्टम जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल करता है और बाद में अकेला छोड़ देता है. उन्होंने एक पुराने केस का जिक्र करते हुए बताया कि जब जेजे हॉस्पिटल शूटआउट हुआ था, तब रातों-रात आरोपियों को पकड़ने का दबाव था और पुलिस ने जान जोखिम में डालकर ऑपरेशन पूरा किया. लेकिन बाद में छोटी गलती होने पर वही सिस्टम साथ नहीं देता. उन्होंने ये भी कहा कि कई बार सीनियर अफसर इंस्पेक्टर्स की बढ़ती पॉपुलैरिटी से असहज हो जाते थे.

‘अब तक 112’ में दिखेगी असली कहानी
प्रदीप शर्मा ने बताया कि पहले उनकी सीआईयू टीम से इंस्पायर होकर फिल्म ‘अब तक छप्पन’ बनी थी, लेकिन अब ‘अब तक 112’ में उनकी जिंदगी की असली कहानी दिखाई जाएगी. उन्होंने कहा कि इस फिल्म में दर्शकों को पता चलेगा कि पुलिस अपराधियों से कई कदम आगे सोचती है. आज पुलिस गैंगस्टर्स के कम्युनिकेशन और प्लानिंग पर नजर रखती है, जिससे बड़े अपराध होने से पहले ही रोक दिए जाते हैं. राजनीति में आने के सवाल पर उन्होंने साफ कहा कि एक पुलिसवाला अच्छा नेता नहीं बन सकता, क्योंकि राजनीति में कई बार झूठ बोलना पड़ता है और पुलिस की नौकरी अनुशासन सिखाती है.

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