OpenAI IPO: दुनियाभर में तहलका मचाने वाले ‘चैटजीपीटी’ (ChatGPT) को बनाने वाली कंपनी OpenAI अब शेयर बाजार में कदम रखने जा रही है. वॉल स्ट्रीट जनरल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी आने वाले कुछ ही दिनों या हफ्तों में अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने की पूरी तैयारी कर चुकी है. माना जा रहा है कि कंपनी गोल्डमैन सैक्स के साथ-साथ मॉर्गन स्टेनली के बैंकरों के साथ मिलकर आईपीओ का एक ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस तैयार कर रही है. इस ड्राफ्ट को शुक्रवार तक रेगुलेटर्स के पास जमा कराया जा सकता है. सब कुछ प्लान के मुताबिक रहा, तो इसी साल के अंत तक यह कंपनी शेयर बाजार में लिस्ट हो सकते हैं.

IPO लाने के पीछे कंपनी का असल प्लान
दरअसल, एआई की रेस में सबसे आगे बने रहने के लिए भारी-भरकम निवेश की दरकार होती है. कंपनी अपने विस्तार की बेहद आक्रामक रणनीति पर काम कर रही है. आईपीओ के जरिए जुटाए गए फंड का सीधा इस्तेमाल अत्याधुनिक चिप्स खरीदने, विशाल डेटा सेंटर बनाने के साथ दुनिया भर से बेहतरीन टैलेंट को अपने साथ जोड़ने में किया जाएगा. बाजार में तगड़ा कंपटीशन है. एंथ्रोपिक (Anthropic) से लेकर स्पेसएक्स (SpaceX) जैसी बड़ी दिग्गज कंपनियां भी शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी कर रही हैं. ऐसे में बाजार से पूंजी जुटाने की इस दौड़ में यह एआई कंपनी सबसे आगे रहना चाहती है.
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मस्क का मुकदमा खारिज होने से खुला बड़ा रास्ता
इस आईपीओ की दिशा में आगे बढ़ने से ठीक पहले कंपनी को कानूनी मोर्चे पर एक बहुत बड़ी जीत मिली है, जिसने लिस्टिंग का रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया है. इसी हफ्ते एक जूरी ने टेस्ला के मालिक एलन मस्क की तरफ से कंपनी तथा इसके को-फाउंडर सैम ऑल्टमैन के खिलाफ दायर किए गए एक अहम मुकदमे को खारिज कर दिया. मस्क का सीधा आरोप था कि ऑल्टमैन के नेतृत्व में यह कंपनी अपने मूल जनहित के उद्देश्य से भटक गई है. उनका कहना था कि यह संस्था अब पूरी तरह से सिर्फ मुनाफा कमाने वाली कंपनी बन चुकी है. हालांकि, जूरी ने यह कहते हुए इस पूरे मुकदमे को खारिज कर दिया कि मस्क ने कानूनी कदम उठाने में काफी ज्यादा देर कर दी है.
बुनियादी ढांचे पर होने वाला है छप्परफाड़ खर्च
चैटजीपीटी के लॉन्च के बाद से ही यह कंपनी लगातार सफलता की नई ऊंचाइयां छू रही है. आज यह दुनिया की सबसे मूल्यवान एआई कंपनियों में शुमार हो चुकी है. इसका सीधा अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस साल अप्रैल में कंपनी ने 852 अरब डॉलर के भारी-भरकम वैल्यूएशन पर 122 अरब डॉलर की विशाल पूंजी जुटाई थी. यह फंडिंग राउंड कंपनी के इतिहास का सबसे बड़ा सौदा साबित हुआ था. भविष्य की रूपरेखा भी बेहद विशाल है. अपने तकनीकी लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कंपनी ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर 1.4 लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा का भारी-भरकम खर्च करने का वादा किया है. इस विशाल लक्ष्य को हासिल करने के लिए कई बड़े वेंचर फंड्स के साथ अमेजन से लेकर एनवीडिया जैसी क्लाउड सप्लायर कंपनियों ने भी भारी निवेश किया है.




