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सरयू किनारे सास की चिता के लिए गड्ढा खोद रहा था, तभी खींचकर नदी में ले गया मगरमच्छ, इस हाल में मिली दामाद की लाश

Gonda News: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है. यहां अपनी सास के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए एक दामाद को सरयू नदी में मौजूद मगरमच्छ खींच ले गया. घटना बुधवार दोपहर करीब 12 बजे की है, जब युवक नदी के घाट पर चिता तैयार करने के लिए गड्ढा खोद रहा था. काम खत्म करने के बाद वह हाथ-पैर धोने के लिए जैसे ही पानी के करीब गया, घात लगाकर बैठे मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया.

सरयू किनारे सास की चिता के लिए गड्ढा खोद रहा था, तभी खींचकर नदी में ले गया मगरमच्छ, इस हाल में मिली दामाद की लाश
सरयू किनारे सास की चिता के लिए गड्ढा खोद रहा था, तभी खींचकर नदी में ले गया मगरमच्छ, इस हाल में मिली दामाद की लाश

मगरमच्छ ने युवक का सिर सीधे अपने विशाल जबड़े में दबोचा और पलक झपकते ही उसे गहरे पानी के अंदर खींच ले गया. घाट पर मौजूद दर्जनों लोग यह खौफनाक मंजर देखकर चीखते-चिल्लाते रह गए. मगरमच्छ के खौफ के कारण कोई भी युवक को बचाने की हिम्मत नहीं जुटा सका. सूचना मिलने के बाद मौके पर स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे. स्थानीय नाविकों की मदद से युवक की तलाश की गई, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला. अब लखनऊ से एसडीआरएफ (SDRF) की विशेष टीम को रेस्क्यू के लिए बुलाया गया है. यह पूरी घटना जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र की है.

कैंसर पीड़ित सास की मौत पर नोएडा से आया था दामाद

जानकारी के मुताबिक, गोंडा के डीहा गांव के रहने वाले 70 वर्षीय बुजुर्ग बाबूलाल वर्मा पेशे से किसान हैं. उनके बेटे लालचंद्र की पहले ही मौत हो चुकी है. परिवार में उनकी 50 वर्षीय बहू उर्मिला थीं, जिनकी मंगलवार को कैंसर के कारण मौत हो गई थी.

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उर्मिला की बेटी रेखा की शादी करीब 5 साल पहले ग्रेटर नोएडा के परी चौक (सिग्मा 2) के रहने वाले दीपक (30) से हुई थी. दीपक नोएडा की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था. दोनों की 4 साल की एक मासूम बेटी निक्की भी है. सास की मौत की खबर पाकर दीपक अपनी पत्नी और बेटी के साथ अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए नोएडा से गोंडा आया था.

हाथ धोते समय हुआ अचानक हमला

बुधवार को सनौली मोहम्मदपुर उदयभान पाही के पास सरयू नदी के तट पर उर्मिला के अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं. दोपहर करीब 12 बजे सभी लोग घाट पर पहुंचे थे. दीपक अपनी सास की चिता को व्यवस्थित करने के लिए नदी किनारे लकड़ी का खूंटा गाड़ रहा था और गड्ढे की खुदाई कर रहा था.

काम पूरा करने के बाद दीपक हाथ-मुंह धोने के लिए पानी के बिल्कुल पास चला गया. स्थानीय लोगों के मुताबिक, दीपक को पहले ही चेतावनी दी गई थी कि उस तरफ मगरमच्छ का ठिकाना है, इसलिए वहां न जाए. लेकिन जैसे ही दीपक पानी की तरफ झुका, पानी के अंदर से अचानक एक विशालकाय मगरमच्छ बाहर निकला. उसने सीधे दीपक के सिर पर हमला किया और उसे अपने जबड़े में जकड़कर पानी की गहराई में चला गया.

प्रत्यक्षदर्शियों ने बयां किया आंखों देखा खौफ

घटना के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “जैसे ही मगरमच्छ ने दीपक को खींचा, मैंने दौड़कर उसे पकड़ने का प्रयास किया. लेकिन मगरमच्छ का बहाव और ताकत इतनी ज्यादा थी कि उसने दीपक को छोड़ नहीं और इस कोशिश में मैं भी पानी में गिरते-गिरते बचा.”

वहीं दूसरे प्रत्यक्षदर्शी अमन ने बताया कि दीपक को बार-बार मना किया जा रहा था कि उस तरफ खतरा है. लेकिन हाथ धोने के चक्कर में वह नीचे झुके और मगरमच्छ उन्हें ले गया. दीपक के दादा ससुर बाबूलाल ने रुआंसे होते हुए कहा, “मेरी बहू की मौत के बाद मेरे आगे-पीछे कोई नहीं बचा था. रिश्तेदार ही क्रिया कर्म संभाल रहे थे. इतने में मगरमच्छ दामाद को ले गया. अपनी जान देने के लिए पानी में कौन कूदता, इसलिए कोई उसे बचा नहीं पाया.”

4 लाख की आर्थिक सहायता की घोषणा, रेस्क्यू जारी

हादसे के बाद उमरी बेगमगंज थाने की पुलिस और एसडीएम तरबगंज तत्काल मौके पर पहुंचे. गोंडा के जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाशी ली गई, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर अभियान को अस्थाई रूप से रोका गया है. अब लखनऊ से आ रही एसडीआरएफ की टीम मोर्चा संभालेगी. उन्होंने घोषणा की कि दीपक का शव बरामद होने और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शासन की तरफ से 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी. यदि शव नहीं मिलता है, तो विशेष अनुमति के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा.

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