नई दिल्ली: आपका स्विगी-जोमैटो ऑर्डर अब महंगा हो सकता है। इसके लिए भी ईरान युद्ध ही जिम्मेदार है। दरअसल, ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते ऑर्डर की कुल कीमत बढ़ने के आसार हैं। इलारा कैपिटल की एक रिपोर्ट में इसे लेकर जानकारी दी गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार, क्विक कॉमर्स के लिए एवरेज डिलीवरी कॉस्ट 35-50 रुपये प्रति ऑर्डर और फूड डिलीवरी के लिए 55-60 रुपये होने का अनुमान है। कुछ ही दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुई दूसरी बढ़ोतरी के बाद यह रिपोर्ट सामने आई है।

डिलीवरी कॉस्ट का कैलकुलेशन
अगर डिलीवरी कॉस्ट में ईंधन का हिस्सा लगभग 20 फीसदी है तो हर ऑर्डर पर फ्यूल कॉस्ट (औसत आधार पर) 9-10 रुपये होगी।
इसका मतलब है कि ईंधन की कीमत में लगभग 4 फीसदी की बढ़ोतरी से हर ऑर्डर पर 0.44 रुपये का निगेटिव इम्पैक्ट पड़ेगा।
अगर 3-6 महीनों में ईंधन कीमतें और बढ़कर 10 रुपये प्रति लीटर हो जाती हैं तो हर ऑर्डर पर औसत असर बढ़कर लगभग 1-1.2 रुपये हो जाएगा।
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘इस असर का कुछ हिस्सा ग्राहकों से वसूला जा सकता है। कुछ हिस्सा प्लेटफॉर्म खुद उठा सकते हैं। कुछ हिस्सा डिलीवरी पार्टनर की कमाई में कटौती के रूप में दिख सकता है।’
इलेक्ट्रिक वाहनों का भी सवाल
इलारा कैपिटल के अनुसार, अगर ईंधन की कीमतें 10 रुपये प्रति लीटर बढ़ जाती हैं तो क्विक कॉमर्स में ईवी और साइकिल का इस्तेमाल बढ़कर लगभग 30-40 फीसदी हो सकता है। जबकि फूड डिलीवरी में इसके लगभग 20 फीसदी पहुंचने के आसार हैं।
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रिपोर्ट में कहा गया है, ‘औसत आधार पर हम मानते हैं कि ईंधन से जुड़ा यह असर कुल ऑर्डर के लगभग 70 फीसदी हिस्से पर पड़ेगा। इसलिए ईवी/साइकिल के इस्तेमाल को फोकस में रखते हुए अगर ईंधन की कीमत में लगभग 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी भी होती है तो भी EBITDA पर कुल असर लगभग 1-2 अरब रुपये के आस-पास ही रहेगा।’
रिपोर्ट के मुताबिक, इसका मतलब है कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इटर्नल और स्विगी के EBITDA अनुमान में केवल 4-5 फीसदी और 10-12 फीसदी की ही कटौती होगी।
स्विगी पर इसका असर ज्यादा होगा। कारण है कि उसके पास मुनाफे का मार्जिन कम है। वह अभी क्विक कॉमर्स में ‘कंट्रीब्यूशन ब्रेक-ईवन’ (यानी लागत और कमाई का संतुलन) हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।’
ईंधन की वजह से लागत का दबाव
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईंधन की वजह से होने वाले लागत के दबाव को संभालने के मामले में इटर्नल (जोमैटो) की स्थिति स्विगी से बेहतर है। रिपोर्ट के अनुसार, इसकी वजह यह है कि इटर्नल के पास लागत को ग्राहकों पर डालने की ज्यादा क्षमता है। उसका विज्ञापन से होने वाला रेवेन्यू भी ज्यादा है।
रिपोर्ट में यह तर्क दिया गया है कि इटर्नल के ग्राहक ज्यादा प्रीमियम हैं। कीमतों को लेकर कम संवेदनशील हैं। इस वजह से कंपनी के पास फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स दोनों ही क्षेत्रों में प्लेटफॉर्म फीस, डिलीवरी फीस को बेहतर बनाने और हैंडलिंग चार्ज के जरिए बढ़ी हुई लागत को वसूलने की ज्यादा गुंजाइश है।
इसके अलावा, इटर्नल का बड़ा पैमाना (स्केल) और विज्ञापन से होने वाले रेवेन्यू का मजबूत आधार स्विगी के मुकाबले उसे मुनाफे के मामले में अतिरिक्त सुरक्षा कवच (मार्जिन कुशन) देता है।
इसके उलट स्विगी को ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। कारण है कि क्विक कॉमर्स में उसके पास मुनाफे का सुरक्षा कवच कम है। उसके ग्राहक कीमतों को लेकर ज्यादा सेंसिटिव हैं। इसलिए भले ही दोनों प्लेटफॉर्म के पास लागत को ग्राहकों पर डालने के तरीके मौजूद हैं। लेकिन, ईंधन की वजह से बढ़ी हुई लागत को खुद उठाने और वसूलने की इटर्नल की क्षमता ज्यादा मजबूत है।





