भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 2026-27 घरेलू सत्र के कार्यक्रम का ऐलान कर दिया है। नए घरेलू सीजन की शुरुआत 23 अगस्त से दलीप ट्रॉफी के साथ होगी, जबकि देश की सबसे प्रतिष्ठित घरेलू प्रतियोगिता रणजी ट्रॉफी इस बार भी दो चरणों में आयोजित की जाएगी। रणजी ट्रॉफी का पहला चरण 11 अक्टूबर से खेला जाएगा। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी समेत पूरे घरेलू सत्र का शेड्यूल भी सामने आ गया है।

बीसीसीआई (BCCI) इस घरेलू सत्र में पुरुष और महिला वर्ग के अलग-अलग आयु समूहों और सीनियर स्तर पर कुल 1788 मुकाबलों का आयोजन करेगा। इसमें पुरुषों के अंडर-16, अंडर-19, अंडर-23 और सीनियर टूर्नामेंट शामिल हैं, जबकि महिलाओं के अंडर-15, अंडर-19, अंडर-23 और सीनियर स्तर की प्रतियोगिताएं भी खेली जाएंगी।
दलीप ट्रॉफी फिर जोनल फॉर्मेट में
दलीप ट्रॉफी की वापसी फिर जोनल फॉर्मेट में होगी। यह टूर्नामेंट 23 अगस्त से 10 सितंबर तक खेला जाएगा। सभी मुकाबले बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में आयोजित होंगे। इसके बाद विजेता जम्मू-कश्मीर और शेष भारत के बीच ईरानी कप एक से पांच अक्टूबर तक श्रीनगर में खेला जाएगा।
दो चरणों में रणजी ट्रॉफी
बीसीसीआई के घरेलू कैलेंडर की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिता रणजी ट्रॉफी का पहला चरण 11 अक्टूबर से पांच नवंबर तक खेला जाएगा। इस दौरान चार राउंड के मुकाबले होंगे। टूर्नामेंट का दूसरा चरण 17 जनवरी से तीन मार्च 2027 तक आयोजित होगा। इसके बीच सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी खेली जाएंगी।
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सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का शेड्यूल
राष्ट्रीय टी20 टूर्नामेंट 14 नवंबर से छह दिसंबर तक खेली जाएगी। लीग चरण के मुकाबले मुंबई, मोहाली, विशाखापत्तनम और कोलकाता में होंगे, जबकि नॉकआउट मुकाबले नागपुर में खेले जाएंगे। बीसीसीआई के अनुसार, इस टूर्नामेंट का समय ऐसा रखा गया है ताकि आईपीएल नीलामी से पहले टैलेंट स्काउट खिलाड़ियों पर नजर बना पाएं और अपनी सूची तैयार कर सकें। आईपीएल नीलामी दिसंबर में होने की संभावना है।
दिसंबर में विजय हजारे ट्रॉफी
राष्ट्रीय वनडे टूर्नामेंट 14 दिसंबर 2026 से आठ जनवरी 2027 तक खेली जाएगी। बीसीसीआई ने विजय मर्चेंट ट्रॉफी (अंडर-16) के कार्यक्रम में भी बदलाव किया है। यह टूर्नामेंट नवंबर से जनवरी के बीच खेला जाएगा।
बीसीसीआई का मानना है कि इससे खिलाड़ियों को बेहतर तैयारी का समय मिलेगा। इसके साथ ही स्कूल क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों को फरवरी-मार्च में होने वाली वार्षिक और बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी पर्याप्त समय मिल सकेगा।
की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि 2026-27 घरेलू सत्र का कार्यक्रम सभी प्रारूपों और आयु वर्गों के बीच संतुलन बनाए रखते हुए मजबूत और प्रतिस्पर्धी घरेलू ढांचे को आगे बढ़ाने की दिशा में तैयार किया गया है।
डॉक्टर बनाने की जिद और क्रिकेट खेलने का जुनून। आकिब ने हर रोक के बावजूद पिच नहीं छोड़ी। डांट, तंगी और ठुकराव के बीच उसने अपनी मेहनत से सफलता की कहानी लिखी।





