
What is Cryptic Pregnancy: आमतौर पर ऐसा होता है कि महिला को प्रेग्नेंसी की शुरुआती महीनों में ही इसका पता चल जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि महिला को 9 महीने तक उसकी प्रेग्नेंसी के बारे में पता ही नहीं चला? ये कोई कहानी नहीं, बल्कि ये एक कंडीशन है जिसे क्रिप्टिक प्रेग्नेंसी कहते हैं. इसमें महिला को प्रेग्नेंसी के लक्षण नजर नहीं आते हैं या बहुत हल्के होते हैं. इसके कारण उन्हें अंदाजा ही नहीं होता कि वे प्रेग्नेंट हैं. कुछ महिलाओं को ये डिलीवरी के वक्त पता चलता है. इस खबर में हम आपको इस कंडीशन के बारे में डीटेल में बताएंगे.
कैसे चर्चा में आया मामला?
ये मामला तब चर्चा में आया जब इंग्लैंड के एक फुटबॉल स्टेडियम में अचानक एक महिला ने बच्चे का जन्म दिया. मैच देखने आई 29 साल की चार्लोट रॉबिन्सन को पता ही नहीं था कि वे प्रेग्नेंट हैं और अचानक टॉयलेट में उन्होंने एक बच्चे को जन्म दे दिया. स्टेडियम में मौजूद लोगों में हैरानी और खुशी से हड़कंप मच गया. डॉक्टर ने इस बारे में बताया कि ये क्रिप्टिक प्रेग्नेंसी नाम की एक बीमारी है, जिसमें मां को प्रेग्नेंसी का पता नहीं चलता है.
क्या है क्रिप्टिक प्रेग्नेंसी?
क्रिप्टिक प्रेग्नेंसी, जिसे “Stealth pregnancy” या “Denied pregnancy” भी कहते हैं. यह एक रेयर लेकिन संभव कंडीशन है, जिसमें महिला को काफी समय तक यह पता नहीं चल पाता कि वे प्रेग्नेंट हैं. कई बार उन्हें प्रेग्नेंसी का पता डिलीवरी के वक्त ही चलता है. ब्रिटेन में हर साल करीब 2500 में से एक महिला इस कंडीशन का शिकार होती है.
क्रिप्टिक प्रेग्नेंसी के कारण
क्रिप्टिक प्रेग्नेंसी के कई कारण हो सकते हैं. कई बार प्रेग्नेंसी में प्लेसेंटा की पॉजिशन अलग होने के कारण भी क्रिप्टिक प्रेग्नेंसी जैसा कंडीशन बन सकता है. प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में हार्मोन का लेवल नहीं बदलने के कारण भी ऐसी स्थिति बन सकती है. इसके साथ-साथ प्रेग्नेंसी के दौरान इरेगुलर पीरियड्स होने पर महिला को पता ही नहीं चलता कि वे प्रेग्नेंट हैं. कुछ मामलों में टेस्ट निगेटिव आने के कारण भी प्रेग्नेंसी का पता नहीं चलता है.
क्रिप्टिक प्रेग्नेंसी के लक्षण
क्रिप्टिक प्रेग्नेंसी में प्रेग्नेंसी से लक्षण या तो नहीं दिखते हैं, या फिर बिल्कुल कम दिखते हैं. इस दौरान महिलाक को हल्की थकान या कमजोरी महसूस हो सकती है, वेट बढ़ता है, पेट में हलचल महसूस होता है, इरेगुलर पीरियड्स या केवल स्पॉटिंग होता है.
क्रिप्टिक प्रेग्नेंसी का खतरा
डॉक्टर ने इस कंडीशन को बेहद खतरनाक बताया है, क्योंकि महिला को प्रेग्नेंसी का पता ही नहीं चलता. इसलिए उनकी जरूरी देखभाल नहीं हो पाती, जो कि मां और बच्चे दोनों के सेहत के लिए खतरा साबित हो सकता है. ऐसे में मां और बच्चे में पोषण की कमी, प्रीमैच्योर डिलीवरी, मेडिकल इमर्जेंसी, जैसी स्थिति बन सकती है.





