
मध्य प्रदेश के अशोकनगर से ठगी का अपनी तरह का बेहद अनूठा मामला सामने आया है. इस मामले में गैंग पहले युवतियों से सोशल मीडिया में दोस्ती कर उन्हें अपने प्यार के जाल में फंसाता था. फिर शुरू होता था ब्लैकमेलिंग का खेल. इस खेल से करोड़ों बटोरने वाले इस गैंग को पाप का डर भी सताता था. अपने पापों को धुलने के लिए वह मंदिरों में भंडारे से लेकर दान तक करता था.
ताजा मामला मध्य प्रदेश के अशोक नगर इलाके से जुड़ा हुआ है. इस गैंग ने अशोक नगर इलाके में रहने वाली एक युवती को अपने प्रेमजाल में फंसाकर 1.30 करोड़ की ठगी की थी. फिलहाल, यह गैंग पुलिस की गिरफ्त में है और पूछताछ में उसने कई चौंकाने वाले खुलासे लिए हैं. आरोपियों ने पूछताछ में माना है कि ठगी के रुपयों का इस्तेमाल उन्होंने लग्जरी लाइफ जीने और महंगी गाडि़यों को खरीदने में किया.
मास्टरमाइंड पहनती थी चांदी की चप्पत
इसके बाद, अपने पापों को धुलने के लिए देश-विदेश के मंदिरों में दान-पुण्य कर भंडारा भी करते थे. कोतवाली पुलिस की पूछताछ में आरोपी आकाश चौहान और उसकी पत्नी आयुषी चौहान ने कबूल किया कि ठगी की रकम से उन्होंने लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवर खरीदे थे. पुलिस के मुताबिक गैंग की मास्टरमाइंड आयुषी चौहान चांदी की चप्पल पहनती थी और उसके पास चांदी का पर्स भी था.
अश्लील वीडियो वायरल करने की देते थे धमकी
पुलिस ने आरोपियों के घर से करीब 70 लाख रुपए की संपत्ति और लग्जरी सामान बरामद किया है. इसके अलावा, इनके कब्जे से ठगी के रुपयों से खरीदी गई महिंद्रा थार, स्कूटी सहित अन्य सामान भी बरामद किया गया है. जांच में सामने आया कि आरोपियों ने इंस्टाग्राम के जरिए युवती को प्रेमजाल में फंसाया. इसके बाद अश्लील फोटो और वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी गई.
क्राइम ब्रांच का अधिकारी बता हड़पे 1.30 करोड़ रुपए
खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी बताकर आरोपी ने पीड़िता से करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपए हड़प लिए. इस मामले में तांत्रिक युवती, टैटू आर्टिस्ट समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है. पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी ठगी के पैसों से असम, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और नेपाल घूमने गए थे.. वे थार गाड़ी से मंदिरों में दर्शन करने पहुंचते और वहां दान-पुण्य करते थे.
पाप से बचने के लिए कराते थे भंडारा
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि गलत तरीके से कमाए गए पैसों से पाप न लगे, इसलिए वे जगह-जगह भंडारे भी करवाते थे. नेपाल में भी इन्होंने भंडारा कराया था. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के जेवर, चांदी की चप्पल और पर्स, आईफोन, एप्पल लैपटॉप, एक लाख रुपए कीमत का फ्रिज, वॉशिंग मशीन, अलमारी, ड्रेसिंग टेबल, महंगी घड़ियां और अन्य घरेलू सामान जब्त किया है.
एफएसएल जांच के लिए भेज गए मोबाइल
कोतवाली थाना प्रभारी रवि प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि आरोपियों के मोबाइल और लैपटॉप एफएसएल जांच के लिए भेजे गए हैं. आशंका है कि इनमें अन्य युवतियों और लोगों के वीडियो भी हो सकते हैं. पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और पेमेंट की जांच कर रही है. हर ट्रांजेक्शन की पड़ताल की जा रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि कहीं अन्य लोगों को भी इसी तरह ब्लैकमेल कर ठगी का शिकार तो नहीं बनाया गया.





