पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से सुजाता शर्मा ने कहा कि वेस्ट एशिया की स्थिति की वजह से LPG और नेचुरल गैस भी प्रभावित हुए हैं, लेकिन हमारी रिफाइनरियां सामान्य तरीके से काम कर रही हैं और हमारे पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. अगर सप्लाई की बात करें तो पेट्रोल, डीजल, LPG और नेचुरल गैस का पर्याप्त भंडार है और किसी भी LPG डिस्ट्रीब्यूटर या रिटेल सेंटर पर स्टॉक खत्म नहीं हुआ है. इसके साथ ही उन्होंने बताया किOMC कंपनियों का नुकसान 1000 करोड़ रुपये प्रतिदिन से घटकर 750 करोड़ रुपये प्रतिदिन हो गया है.
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हालांकि कई जगह अफवाहों की वजह से लोग घबराकर ज्यादा खरीदारी कर रहे हैं. ऐसे मामलों में सप्लाई बहाल करने और रिटेल सेंटर की पहचान करने के लिए तुरंत कार्रवाई की जा रही है. यह भी देखा जा रहा है कि जो थोक बिक्री होती थी, वह अब पेट्रोल पंप बिक्री में बदल रही है. फिर भी देश में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई सामान्य बनाए रखने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है और किसी भी रिटेल सेंटर पर स्टॉक खत्म नहीं है.
70 प्रतिशत बनी है कमर्शियल LPG की सप्ला
सुजाता शर्मा ने बताया कि घरेलू रसोई गैस LPG की सप्लाई भी लगातार सुनिश्चित की जा रही है और किसी डिस्ट्रीब्यूटर के पास स्टॉक खत्म नहीं हुआ है. कमर्शियल LPG की सप्लाई 70 प्रतिशत से ज्यादा बनी हुई है. मार्च महीने से अब तक करीब 7.37 लाख PNG कनेक्शनों को एक्टिव किया गया है, जबकि 2.76 लाख कनेक्शनों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा चुका है. इसके अलावा 7.76 लाख से ज्यादा लोगों ने PNG कनेक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है. वहीं, 58 हजार से ज्यादा PNG उपभोक्ताओं ने अपना LPG कनेक्शन सरेंडर किया है.
पिछले चार दिनों में करीब 1.72 करोड़ घरेलू LPG सिलेंडरों की डिलीवरी की गई, जबकि इस दौरान 1.69 करोड़ बुकिंग आई थीं. यानी मांग से ज्यादा सिलेंडर वितरित किए गए हैं. कमर्शियल LPG की सप्लाई भी लगातार जारी है और इस महीने की शुरुआत से अब तक 1.08 लाख टन कमर्शियल LPG की बिक्री हुई है. पिछले चार दिनों में 25,200 टन से ज्यादा कमर्शियल LPG बेची गई है. वहीं 888 टन ऑटो LPG की भी बिक्री हुई है. पांच किलो वाले सिलेंडरों की बिक्री पिछले चार दिनों में 1.90 लाख से ज्यादा रही है.
लगातार चल रहे हैं जागरूकता कैंप
सुजाता शर्मा ने कहा कि सरकारी तेल कंपनियों की ओर से जागरूकता कैंप लगातार चलाए जा रहे हैं. कल करीब 95 कैंप लगाए गए, जहां 2,200 से ज्यादा सिलेंडर बेचे गए. नेचुरल गैस आधारित यूरिया प्लांट अपनी जरूरत के 96 प्रतिशत स्तर पर काम कर रहे हैं. CGD कंपनियों को गैस सप्लाई भी 80 प्रतिशत तक बढ़ा दी गई है.
अगर इंडस्ट्री, पावर प्लांट, टेक्सटाइल, फार्मा या कमर्शियल सेक्टर से अतिरिक्त जरूरत आती है, तो बाकी सप्लायर उसे पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं. इसके अलावा C3-C4 अणुओं जैसे प्रोपाइलीन और ब्यूटिलीन की बात करें तो 1 मई से अब तक अलग-अलग रिफाइनरियों ने 8,730 टन प्रोपाइलीन और 3,420 टन ब्यूटिलीन की बिक्री की है. राज्य सरकारों और तेल कंपनियों के अधिकारी लगातार जांच अभियान चला रहे हैं. पिछले चार दिनों में सरकारी कंपनियों ने करीब 2,800 पेट्रोल पंप और LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स पर औचक निरीक्षण किए हैं.
उर्वरकों की कीमतों में नहीं हुआ बदलाव
केमिकल एंड फर्टिलाइजर्स मंत्रालय की अपर्णा शर्मा ने कहा कि प्रमुख उर्वरकों के MRP में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है. संकट के बावजूद घरेलू उत्पादन अच्छा बना हुआ है, जो 86.2 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है. करीब 22 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा आयातित उर्वरक भारतीय तटों तक पहुंच चुके हैं और कुल मिलाकर स्थिति सामान्य बनी हुई है. भारत ने अपने लॉन्ग टर्म प्लान के तहत करीब 13.5 लाख मीट्रिक टन DAP और 7 लाख मीट्रिक टन NPK कॉम्प्लेक्स का इंतजाम पहले से कर लिया है.
इसके अलावा कंपनियों ने अमोनियम सल्फेट और उर्वरक बनाने के लिए जरूरी कच्चा माल भी खरीदा है. सरकार और विभाग लगातार जरूरी सामग्री की उपलब्धता की समीक्षा कर रहे हैं और DBT के जरिए सब्सिडी भुगतान भी नियमित रूप से किया जा रहा है. उर्वरक विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और अब तक सचिव स्तर के एम्पावर्ड ग्रुप की करीब 9 बैठकें हो चुकी हैं. सरकार के मुताबिक स्थिति पूरी तरह स्थिर और संतोषजनक बनी हुई है.
अब तक 3,217 नाविकों की सुरक्षित वापसी
पोर्ट, शिपिंग एंड वॉटरवेज मंत्रालय की ओर से मुकेश मंगल ने बताया कि मार्शल आइलैंड फ्लैग वाला LPG कैरियर सेमी, जो भारत के लिए 10,965 मीट्रिक टन LPG लेकर आ रहा था, उसने 16 मई की रात अपना पूरा कार्गो डिस्चार्ज कर दिया. मंत्रालय विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों और मैरीटाइम स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर लगातार काम कर रहा है ताकि नाविकों की सुरक्षा और समुद्री ऑपरेशन सामान्य बने रहें. सरकार के मुताबिक इलाके में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 96 घंटों में किसी भारतीय जहाज या भारतीय क्रू वाले विदेशी जहाज से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है.
अब तक कंट्रोल रूम में 9,702 कॉल और 21,000 से ज्यादा ईमेल संभाले गए हैं. पिछले 96 घंटों में 436 कॉल और 996 ईमेल प्राप्त हुए. मंत्रालय अब तक 3,217 से ज्यादा भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाने में मदद कर चुका है, जिनमें पिछले 96 घंटों में 61 नाविक शामिल हैं. भारत के सभी पोर्ट ऑपरेशन सामान्य हैं और कहीं भी भीड़ या रुकावट की स्थिति नहीं है.
24 घंटे हेल्पलाइन चला रहे हैं भारतीय दूतावास
विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (गल्फ) असीम महाजन ने कहा कि मंत्रालय खाड़ी और वेस्ट एशिया में हो रहे घटनाक्रमों पर लगातार नजर बनाए हुए है. सरकार का फोकस भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करना है. मंत्रालय का स्पेशल कंट्रोल रूम भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों के सवालों का जवाब देने के लिए लगातार काम कर रहा है. सरकार राज्य सरकारों और भारतीय मिशनों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि जानकारी साझा की जा सके और सभी प्रयासों में तालमेल बना रहे. इस क्षेत्र में भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास 24 घंटे हेल्पलाइन चला रहे हैं और भारतीय नागरिकों को हर जरूरी मदद दी जा रही है.
स्थानीय सरकारों की गाइडलाइन, फ्लाइट और यात्रा की स्थिति, काउंसलर सेवाओं और अन्य जरूरी जानकारी से जुड़ी एडवाइजरी भी लगातार जारी की जा रही हैं. भारतीय मिशन वहां रहने वाले भारतीय समुदाय, संगठनों, प्रोफेशनल ग्रुप्स और भारतीय कंपनियों के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि लोगों की चिंताओं को दूर किया जा सके. सरकार ने कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जरूरत पड़ने पर उन्हें काउंसलर सहायता और भारत वापसी में मदद दी जा रही है.





