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SBI से LIC तक सरकारी कंपनियां ऐसे निकालेंगी संकट का तोड़, बनाया ये प्लान

ग्लोबल टेंशन के बीच सरकार ने सरकारी बैंकों, बीमा कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के लिए कम खर्च करने के लिए नीति लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है. वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने सभी सरकारी संस्थानों को खर्च कम करने के निर्देश जारी किए हैं. इसका असर देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) जैसी संस्थाओं पर पड़ सकता है. होर्मुज में तनाव से उपजे एनर्जी संकट से निपटने के लिए इन संस्थाओं को ईवी की ओर शिफ्ट होने के लिए भी कहा गया है.

SBI से LIC तक सरकारी कंपनियां ऐसे निकालेंगी संकट का तोड़, बनाया ये प्लान
SBI से LIC तक सरकारी कंपनियां ऐसे निकालेंगी संकट का तोड़, बनाया ये प्लान

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक अब ज्यादातर बैठकें और समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही आयोजित की जाएंगी. केवल बेहद जरूरी मामलों में ही अधिकारियों को फिजिकल मीटिंग की अनुमति दी जाएगी. इसके साथ ही चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO स्तर के अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर भी नियंत्रण रखने को कहा गया है. सरकार चाहती है कि विदेशी कार्यक्रमों और बैठकों में अधिकारी ज्यादा से ज्यादा वर्चुअल तरीके से शामिल हों.

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कॉस्ट कटिंग अभियान के तहत पेट्रोल और डीजल वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने पर भी जोर दिया गया है. मंत्रालय ने संस्थानों से कहा है कि किराये पर ली गई पारंपरिक गाड़ियों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक कारों से बदला जाए. यह प्रक्रिया प्रधान कार्यालयों के साथ-साथ शाखा कार्यालयों में भी लागू की जा सकती है.

ग्लोबल टेंशन के बीच लिया फैसला

सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है जब ग्लोबल स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता बढ़ रही है. मध्य पूर्व में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भारत की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है. महंगाई बढ़ने, आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी पड़ने और चालू खाते पर दबाव जैसी चुनौतियों को देखते हुए सरकार खर्च नियंत्रित करने पर फोकस कर रही है.

इस बीच भारतीय रुपया भी लगातार दबाव में है और इस साल एशिया की कमजोर मुद्राओं में शामिल रहा है. ऐसे में सरकार वित्तीय अनुशासन के जरिए खर्च कम करना चाहती है. कई राज्यों ने पहले ही कर्मचारियों के लिए सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने जैसे कदम उठाने शुरू कर दिए हैं.

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