इस समय दुनियाभर में एक साथ दो वायरस का खतरा मंडरा रहा है. इनका नाम इबोला और हंतावायरस है. इबोला अफ्रीका में फैल रहा है और हंता के कुछ देशों में केस आए हैं. हालांकि अभी भारत में इनके कोई मामले दर्ज नहीं किए गए हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि सावधानी जरूरी है. लोगों को इन दोनों वायरस के लक्षण, कारण और बचाव के बारे में पता होना चाहिए.

इस बारे में लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एंड एसोसिएट हॉस्पिटल में मेडिसन विभाग में प्रोफेसर डॉ. एलएच घोटेकर बताते हैं कि
इबोला औरदोनों खतरनाक वायरल संक्रमण हैं, लेकिन इनके फैलने का तरीका और लक्षण अलग होते हैं. इबोला वायरस का ट्रांसमिशन एक से दूसरे व्यक्ति में हो सकता है, लेकिन हंतावायरस में ऐसा होने की आशंका कम रहती है. हंतावायरस उतनी तेजी से नहीं फैलता है. जबकि इबोला फैल सकता है. चिंता की बात यह है कि अभी तक हंता वायरस की कोई वैक्सीन मौजूद नहीं है. जबकि इबोला की वैक्सीन बन चुकी है.
इबोला और Hantavirus में क्या अंतर है? इनके लक्षण कैसे पहचानें
इबोला एक गंभीर वायरल संक्रमण है, जो संक्रमित व्यक्ति के खून, शरीर के तरल पदार्थ या संक्रमित जानवरों के संपर्क से फैलता है. इसके लक्षण ऐसे दिखते हैं.
सिर में तेज दर्द
तेज बुखार
कमजोरी
उल्टी
Khabar Monkey
दस्त
इंटरनल ब्लीडिंग
क्या है Hantavirus?
Hantavirus एक ऐसा संक्रमण है जो आमतौर पर चूहों के संपर्क से फैलता है. संक्रमित चूहों के यूरिन, मल या लार के कण हवा में मिलकर इंसानों तक पहुंच सकते हैं. एक क्रूज शिप पर इस वायरस का आउटब्रेक हुआ था. तब से इसके केस लगातार बढ़ रहे हैं. हंतावायरस में ये लक्षण दिखते हैं.
तेजबुखार
शरीर और मांसपेशियों में दर्द
थकान
सांस लेने में परेशानी
इबोला और हंता वायरस से भारत में कितना खतरा है
डॉ. घोटेकर बताते हैं कि इबोला और हंतावायरस के फिलहाल भारत में कोई मामले नहीं आए हैं. भारत में पैनिक होने की जरूरत नहीं है. हालांकि ये जरूरी है कि लोग सावधानी रखें. इसके साथ ये भी जरूरी है कि विदेशों से आने वालों की स्क्रीनिंग की जाए. ताकि समय पर संक्रमित की पहचान की जा सके.
इबोवा और हंता वायरस से बचाव कैसे करें
हाथ धोकर भोजन करें
चूहों के संपर्क में आने से बचें
जिन इलाकों में इन वायरस के मामले हैं वहां जाने से बचें
लक्षण दिखते ही डॉक्टर के पास जाएं.





