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Coconut: टूटा केरलम का रिकॉर्ड, कर्नाटक कैसे बना देश को सबसे ज्यादा नारियल देने वाला राज्य?

केरल (अब केरलम) वो राज्य है जिसे देश को सबसे ज्यादा नारियल देने के लिए जाना जाता था. इसे नारियल की राजधानी भी कहते हैं. कहते हैं, केरल के नाम में केरा शब्द का मतलब है नारियल का पेड़ और अलम का मतलब लैंड यानी जमीन है. इस तरह यह राज्य कोकोनट के गढ़ के तौर पर जाना जाता रहा है, लेकिन हालिया आंकड़े बता रहे हैं कि केरल से यह तमगा अब छिन गया है. सबसे ज्यादा नारियल की पैदावार करने का रिकॉर्ड अब इस राज्य के नाम नहीं रहा. कोकोनट डेवलपमेंट बोर्ड के आंकड़ों ने इस पर मुहर लगाई है.

Coconut: टूटा केरलम का रिकॉर्ड, कर्नाटक कैसे बना देश को सबसे ज्यादा नारियल देने वाला राज्य?
Coconut: टूटा केरलम का रिकॉर्ड, कर्नाटक कैसे बना देश को सबसे ज्यादा नारियल देने वाला राज्य?

आंकड़ों के मुताबिक, देश को सबसे ज्यादा नारियल केरल नहीं, कर्नाटक दे रहा है. कर्नाटक ही नारियल के प्रोडक्शन में पहले पायदान पर है. साल 2023-24 में कर्नाटक में 615 करोड़ नारियल की पैदावार का रिकॉर्ड बना. दिलचस्प बात यह है कि नारियल का गढ़ कहा जाना केरल खिसकर तीसरे पायदान पर पहुंच गया है. 609 करोड़ नारियल की पैदावार के साथ तमिलनाडु दूसरे पायदान पर है.

कर्नाटक कैसे बना नारियल का गढ़? 5 कारण

  • वीकेंड एग्रीकल्चर: कर्नाटक में वीकेंड एग्रीकल्चर का बढ़ता ट्रेंड भी पैदावार बढ़ने की एक वजह है. शहरी क्षेत्र में पेशेवर लोग वीकेंड में नारियल समेत दूसरी चीजों की खेती कर रहे हैं. खासतौर पर तुमकुरु, हासन और मांड्या जिले में. यह चलन नारियल की पैदावार को बढ़ा रहा है.

  • मौसम: नारियल के पेड़ को बेहतर पैदावार के लिए गर्म और आर्द्र जलवायु चाहिए. कर्नाटक के तटीय क्षेत्र वाले शहर जैसे- मंगलुरु, उडुपी में पर्याप्त नमी और बारिश मिलती है. कर्नाटक के दक्षिण पश्चिम मानसून से अच्छी बारिश होती है. ये बातें नारियल की खेती के लिए आदर्श मानी जाती हैं.
  • मिट्टी: यहां की लाल दोमट और तटीय मिट्टी में जल की निकासी बेहतर होती है. नारियल की पैदावार के लिए ऐसी मिट्टी वरदान मानी जाती है. कर्नाटक में लाखों हेक्टेयर भूमि पर नारियल की खेती होती है. खासकर दक्षिणी जिलों में किसान बड़ी संख्या में इसकी खेती पर निर्भर हैं.

  • वैज्ञानिक ने बढ़ाई पैदावार: किसान अब परंपरागत खेती पर निर्भर नहीं रहे. कोकोनट डेवलपमेंट बोर्ड और राज्य सरकार किसानों को बेहतर बीज के साथ प्रशिक्षण, सिंचाई तकनीक और सब्सिडी दे रहे हैं. इससे उत्पादन, गुणवत्ता और किसानों की कमाई में इजाफा हो रहा है.
  • पेस्ट मैनेजमेंट का भी असर: कर्नाटक में इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट पर फोकस के साथ उचित दूरी पर रोपाई समेत दूसरी कई तकनीकों ने पैदावार को बढ़ाकर कर्नाटक को सबसे ज्यादा नारियल पैदा वाले राज्य की श्रेणी में पहले स्थान पर ला दिया है.

मलेशिया से वियतनाम तक डिमांड

भारत नारियल का गढ़ होने के कारण यह कई देशों को सप्लाइ भी करता है. दुनिया में भारतीय नारियल का सबसे बड़ा खरीदार वियतनाम है. इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात और बांग्लादेश है. अमेरिका, मलेशिया, जर्मनी, नीदरलैंड से मिडिल ईस्ट तक भारतीय नारियल की डिमांड है.

Khabar Monkey

दुनियाभर में जितना भी नारियल पैदा होता है उसका 30 फीसदी से अधिक अकेले भारत करता है. भारत में हर साल 2137 करोड़ नारियल की पैदावार होती है और देश के 1 करोड़ से अधिक किसान नारियल की खेती करते हैं.

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