Stock Market Crash Today :पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों ने आज भारतीय शेयर बाजार को हिलाकर रख दिया है. सोमवार ,18 मई को हफ्ते के पहले कारोबारी दिन बाजार खुलते ही शेयर बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली. ग्लोबल मार्केट से मिल रहे बेहद कमजोर संकेतों के बीच सुबह 9:15 बजे BSE Sensex करीब 754 अंक (1.00%) की भारी गिरावट के साथ 74,483.74 के स्तर पर खुला. वहीं, Nifty 50 भी 225 अंकों (0.95%) का गोता लगाकर 23,418.15 पर था.

बाजार में मची चौतरफा बिकवाली, सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूटा
शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार में गिरावट की रफ्तार और तेज हो गई है. सुबह 9:50 बजे तक दलाल स्ट्रीट पर पूरी तरह हाहाकार मच गया. BSE सेंसेक्स 1,012.17 अंक (1.35%) की भारी गिरावट के साथ 74,225.82 के स्तर पर आ गया, जबकि Nifty 50 भी 309.35 अंक (1.31%) गिरकर 23,334.15 के निचले स्तर पर फिसल गया.
मार्केट क्रैश होने की वजह से बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 7 लाख करोड़ रुपये की भारी गिरावट आई और यह 454 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया.
ज्यादतर सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कर रहे कारोबार
सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी रियल्टी लूजर्स थे. निफ्टी मीडिया, निफ्टी ऑटो, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी पीएसई, निफ्टी कंजप्शन और निफ्टी एनर्जी के साथ करीब सभी इंडेक्स लाल निशान में थे. लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट देखी गई. निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 246 अंक या 1.38 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 17,635 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 690अंक या 1.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 59,876 पर था.
इन शेयरों में दिखी तेज हलचल
सेंसेक्स पैक में इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस और भारती एयरटेल गेनर्स थे. पावर ग्रिड, टाटा स्टील, मारुति सुजुकी, एचडीएफसी बैंक, टाइटन, एमएंडएम, एचयूएल, बजाज फाइनेंस, इंडिगो, एसबीआई, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, अल्ट्राटेक सीमेंट, इटरनल, एशियन पेंट्स, एलएंडटी, कोटक महिंद्रा बैंक, बीईएल, एनटीपीसी और आईटीसी लूजर्स थे.
Khabar Monkey
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसला रुपया
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों द्वारा बाजार से लगातार निकासी के दबाव का सीधा असर भारतीय करेंसी पर पड़ा है. आज शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया (INR) अमेरिकी डॉलर के मुकाबले टूटकर 96.20 के अब तक के सबसे निचले रिकॉर्ड स्तर (Lifetime Low) पर पहुंच गया. रुपये की इस कमजोरी ने घरेलू बाजार के सेंटिमेंट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है, जिससे निवेशकों में पैनिक का माहौल है.
UAE न्यूक्लियर प्लांट पर हमले के बाद $110 के पार क्रूड
बाजार में मचे इस हाहाकार की सबसे बड़ी वजह UAE के बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हुआ ड्रोन हमला और अमेरिका-इजरायल के बीच ईरान युद्ध को लेकर ठप पड़ी शांति वार्ता है. वीकेंड पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई कड़ी चेतावनी के बाद सप्लाई चेन बाधित होने का डर बढ़ गया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 1.73% उछलकर $110.93 प्रति बैरल पर पहुंच गया है. वहीं, अमेरिकी WTI क्रूड भी 1.52% की तेजी के साथ $107.24 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है. ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में तनाव के कारण पिछले एक हफ्ते में ही तेल की कीमतें 7% से ज्यादा बढ़ चुकी हैं.
एशियाई बाजारों में भी आज बड़ा क्रैश
इस भू-राजनीतिक तनाव का असर सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया-पैसिफिक मार्केट पर दिख रहा है. आज शुरुआती कारोबार में दक्षिण कोरिया का ‘कोस्पी’ (Kospi) 2% से ज्यादा टूट गया, जबकि ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 करीब 0.76% और जापान का निकेई (Nikkei) 0.2% नीचे कारोबार कर रहा है.
पिछले कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार को भी भारतीय बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद हुए थे, जहां सेंसेक्स 160 अंक गिरकर 75,237 और निफ्टी 23,643 पर बंद हुआ था. लेकिन आज कच्चे तेल के नए झटके ने मिडिल ईस्ट संकट को गहरा दिया जिससे शेयर बाजार में हाहाकार मचा हुआ है.





