Gorakhpur News: गोरखपुर में कुछ दिन पहले कुसम्ही जंगल में इंजीनियर प्रद्युम्न यादव ने पेड़ से फंदा लगा सुसाइड कर लिया था. इस मामले में गोरखपुर की एम्स पुलिस ने उसकी पत्नी अर्पित यादव उर्फ उषा को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने उसे रविवार को हिरासत में लेने के बाद शाम को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है. 14 मई की शाम को कुसम्ही जंगल स्थित बुढ़िया माई मंदिर में दर्शन और पूजा करने के बाद प्रद्युम्न यादव ने कुसम्ही जंगल में पेड़ से फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली थी. आत्महत्या करने से पहले इंजीनियर प्रद्युम्न यादव ने मोबाइल फोन से वीडियो बनाकर अपनी पीड़ा जाहिर की थी. वीडियो में उसने अपनी मौत के लिए पत्नी को जिम्मेदार ठहराया था. उसने बड़े भाई से माफी मांगते हुए माता-पिता की ध्यान रखने की अपील की थी, वीडियो बनाने के बाद उसने WhatsApp स्टेटस लगाया था.

इस घटना के बाद मृतक इजीनियर प्रद्युम्न यादव के बड़े भाई राघवेंद्र यादव ने गोरखपुर की एम्स थाने में शनिवार को तहरीर देकर भाई की पत्नी अर्पिता सास और ससुर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कराया था, परिजनों ने बताया कि प्रद्युम्न यादव की शादी करीब 7 वर्ष पहले तुर्कपट्टी क्षेत्र के सोहग गांव की रहने वाली अर्पिता यादव से हुई थी. दोनों की 5 साल की एक बेटी भी है. पति से विवाद होने के बाद वह पिछले तीन सालों से मायके में रह रही है. प्रद्युम्न यादव के परिवार वालों का आरोप है कि इसी वजह से वह मानसिक तनाव में और अवसाद में चल रहा था.
प्रद्युम्न ने वीडियो में क्या कहा था?
पत्नी के साथ विवाद में एक मुकदमा कुशीनगर कोर्ट में चल रहा था. 12 मई को उसकी सुनवाई होनी थी. इसके लिए इंजीनियर प्रद्युम्न मध्य प्रदेश के इंदौर से आता था. इंजीनियर प्रद्युम्न ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो बनाया था. उसने उसने कहा है कि “हार गया यार जिंदगी की जंग. बहुत दुख देखे हैं. दुख देने वाला कोई और नहीं, मेरी वाइफ है. सभी लोगों से रिक्वेस्ट है, कोई ये ना बोले कि बेसमय चला गया, मेरे जाने का अभी समय नहीं था. पिछले डेढ़ महीने से मेरे दिमाग में यही चल रहा था. बेटा सुसाइड कर ले, ठीक है. आज वह समय आ गया है. मैं अपने बड़े भाई को एक संदेश देना चाहता हूं कि भाई कभी मां-बाप को ये एहसास मत होने देना कि एक बेटा दुनिया से चला गया. हालांकि, मैं गलती तो कर रहा हूं. हर मां-बाप को लगता है कि बुढ़ापे में बेटा सहारा बनेगा. लेकिन मैं सहारा ना बनकर बहुत दुख दे रहा हूं. मैं इस समय जा रहा हूं तो मुझे पता है कि उन्हें कितनी पीड़ा होगी. लेकिन अपनी पीड़ा के आगे उनकी पीड़ा भूल जा रहा हूं”.
बेटे को खोने पर छलका मां का दर्द
इंजीनियर प्रद्युम्न की मां उसने बोला कि मैं आखिरी बार अपने बेटे से भी नहीं मिल पाई. सीमा ने कहा कि मेरा बेटा अब नहीं रहा. 3 महीने पहले देखा था उसे आखिरी बार. मिल भी नहीं पाई. उन्होंने बताया कि गांव के एक लड़के ने फेसबुक पर उसका वीडियो दिखाया तबसे मुझे चैन नहीं मिला. मां ने कहा कि कैसे भूलूंगी उसे. काश मुझे भी साथ ले जाता.
‘दिल्ली में की थी बीवी ने जान लेने की कोशिश’
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इंजीनियर प्रद्युम्न यादव कुशीनगर जनपद की नगर पंचायत के स्वामी विवेकानंद नगर के रहने वाले थे. उनकी शादी 9 वर्ष पहले 2 जून 2017 को कुशीनगर के तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के सोहाग गांव निवासी हरिशंकर यादव की बेटी अर्पिता यादव से हुई थी. दोनों की 5 वर्ष की बेटी भी है. बताया जा रहा है कि अर्पिता शादी के बाद 3 महीने ससुराल में रही. लेकिन उसके बाद वह मायके चली गई. करीब 4 महीने बाद वह ससुराल आई तो उसे प्रद्युम्न दिल्ली लेकर चला गया. उस समय वो दिल्ली में जॉब करता था. परिजनों के मुताबिक उसकी पत्नी ने दिल्ली में पति का गला दबाकर जान लेने की कोशिश की, जिसके बाद पति ने उसे मायके भेज दिया.
… फिर प्रद्युम्न ने दे दी अपनी जान
मायके जाने के बाद अर्पिता ने पति पर दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कर दिया.इसके अलावा भरण पोषण का मुकदमा भी कर दिया, जिस मामले में सुनवाई चल रही थी. राघवेंद्र के अनुसार, प्रद्युम्न इसी केस के लिए 10 मई को इंदौर से कुशीनगर आया था. कोर्ट में सुनवाई के बाद अगली तारीख 21 जुलाई पड़ी थी, जिसको लेकर प्रद्युम्न तनाव में था. इस केस के लिए वह बार-बार छुट्टी लेकर आता था. बताया जा रहा है कि सुनवाई के बाद वह अपने जीजा के घर चला गया. वहां से उन्हें गोरखपुर जाना था और फिर वहां से उनको ट्रेन पकड़नी थी. कुशीनगर से गोरखपुर आते समय रास्ते में बुढ़िया माई का मंदिर पड़ता है. वो-वहां रुक गया और बुढ़िया माई का दर्शन करने के बाद उसने पेड़ पर फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया. सुसाइड करने के पहले उसने वीडियो बनाकर अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लगा लिया.





