साउथ के अभिनेता विजय अब तमिलनाडु के नए सीएम बन गए हैं। हाल ही में उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और अब राज्य के लिए काम करना भी शुरू कर दिया है। इसी बीच साउथ एक्टर और मक्कल नीधि मय्यम के चीफ कमल हासन ने जोसेफ विजय से मुलाकात की और सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की कुछ तस्वीरें भी शेयर की।
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सिर्फ इतना ही नहीं, कमल हासन ने बताया कि उन्होंने विजय के सामने तमिल फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी 6 मांगें रखी हैं। इनमें राज्य सरकार का अपना ओटीटी प्लेटफॉर्म शुरू करने से लेकर एंटी पाइरेसी और कुछ प्रतिशत टैक्स हटाने तक कई चीजें शामिल हैं।
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सरकारी ओटीटी प्लेटफॉर्म शुरू करने की मांग
बता दें कि कमल हासन की पार्टी मक्कल नीधि मय्यम, जो डीएमके की सहयोगी है, उसने 23 अप्रैल 2026 को हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नहीं लड़े थे। शनिवार देर रात मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद कमल हासन ने एक्स हैंडल पर अपनी मांगों की पूरी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार को अपना ओटीटी प्लेटफॉर्म शुरू करना चाहिए, ताकि लोग सस्ती दरों पर तमिल फिल्में, स्वतंत्र फिल्में और डॉक्यूमेंट्री देख सकें।
4 प्रतिशत टैक्स हटाने की मांग
अपनी दूसरी मांग में कमल हासन ने कहा कि फिल्म बनाने, डिस्ट्रीब्यूशन और थिएटर चलाने का खर्च लगातार बढ़ रहा है। इसलिए उन्होंने फिल्मों पर लगने वाला 4 प्रतिशत लोकल बॉडी एंटरटेनमेंट टैक्स हटाने की मांग की। उनका कहना है कि इससे तमिल फिल्म इंडस्ट्री को बड़ी राहत मिलेगी।
एंटी-पायरेसी टीम बनाने की मांग
इसके अलावा अभिनेता ने सरकार से मजबूत एंटी-पायरेसी टीम बनाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि पायरेसी की वजह से कलाकारों, तकनीशियनों और प्रोड्यूसर्स की मेहनत और पैसा बर्बाद होता है। उन्होंने कहा, “मैं गुजारिश करता हूं कि तमिल सिनेमा की सुरक्षा के लिए तमिलनाडु पुलिस के साइबर क्राइम डिपार्टमेंट के अंदर एक खास एंटी-पायरेसी एनफोर्समेंट टीम बनाई जाए, जिसके पास पायरेटेड कंटेंट को रियल टाइम में हटाने के अधिकार हों।”
रोजाना पांच शो दिखाने की अनुमति
उन्होंने TVK सरकार से यह भी अनुरोध किया कि पूरे राज्य में थिएटरों को सभी फिल्मों के लिए रोजाना पांच शो दिखाने की अनुमति दी जाए। उन्होंने आगे कहा, “इससे थिएटरों की कमाई बढ़ेगी और फिल्म प्रदर्शन क्षेत्र को फिर से पटरी पर लौटने में मदद मिलेगी।”
ओटीटी रिलीज के लिए आठ हफ्ते की समय-सीमा
इसके आगे कमल हासन ने कहा, “थिएटरों को बचाने के लिए मैं सरकार से अनुरोध करता हूं कि वह तमिलनाडु में रिलीज होने वाली सभी फिल्मों के लिए ओटीटी रिलीज के लिए आठ हफ्ते की समय-सीमा तय करे और इसे अनिवार्य बना दे, ताकि थिएटर मालिक और डिस्ट्रीब्यूटर अपना गुजारा कर सकें।”
फिल्म प्रोडक्शन प्रोत्साहन योजना
लास्ट में उन्होंने राज्य सरकार से फिल्म प्रोडक्शन प्रोत्साहन योजना शुरू करने का भी आग्रह किया। उनका मानना है कि इस योजना से तमिलनाडु एक बार फिर देश के अग्रणी फिल्म प्रोडक्शन केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना पाएगा और साथ ही पूरे राज्य में रोजगार के अवसर पैदा होंगे और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
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