रिपोर्ट : हरिपाल, पीलीभीत

पीलीभीत जिले में अवैध मिट्टी खनन का कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है। खनन माफिया दिनदहाड़े जेसीबी मशीन और दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर खेतों से मिट्टी निकाल रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही। मामला गजरौला क्षेत्र के बैजू नागर, विधिपूर गांव के बाहर का बताया जा रहा है, जहां खेतों में बड़े पैमाने पर मिट्टी खनन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार बीते तीन दिनों से लगातार दिन में खनन कार्य चल रहा है, और मिट्टी भरकर ट्रैक्टर-ट्रॉली फर्राटा भरते हुए निकल रहे हैं।
उपजाऊ भूमि बना दी बंजर, रोजाना सरकार के राजस्व को लाखों का चूना
बताया जा रहा है कि यह पूरा खेल तहसील स्तर से लेकर खनन विभाग के अधिकारी के मिलीभगत से चल रहा है। आरोप है कि अधिकारियों के इशारे पर खनन माफिया उपजाऊ खेतों की मिट्टी निकालकर उन्हें बंजर बना रहे हैं। साथ हीं मिट्टी माफिया सरकार के लाखों रुपए के राजस्व को रोजाना चूना लगा रहे है ।
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ग्रामीणों की सूचना के बाबजूद राजस्व अधिकारी अंजान
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मिट्टी खनन से खेतों की ऊपरी उपजाऊ परत हट रही है, जिससे किसानों की फसलें प्रभावित होंगी और जमीन की पैदावार क्षमता खत्म हो जाएगी। वहीं अवैध खनन से सरकार को मिलने वाला राजस्व भी लगातार नुकसान में जा रहा है। ग्रामीणों ने कलीनगर तहसील के अफसरों को सूचना दी बाबजूद इसके कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा और दिनदहाड़े बड़े पैमाने पर खनन का धंधा चल रहा है ।
खनन माफियाओं का राजस्व, खनन अधिकारी के गठजोड़ से धंधा
खनन माफिया और अफसरों के गठजोड़ के चलते जिलेभर में मिट्टी खनन का अवैध कारोबार तेजी से फैल रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं। अब सवाल यह उठता है कि आखिर इतने बड़े पैमाने पर दिनदहाड़े खनन होने के बावजूद प्रशासन कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा? क्या खनन विभाग और तहसील प्रशासन की मेहरबानी से खनन का खेल चल रहा है ।





