कभी सोचा है बाहुबली 2 को ब्लॉकबस्टर फिल्म बनने के लिए 800 करोड़ कमाने पड़े लेकिन वहीं भूल भुलैया 180 करोड़ कमाकर भी सुपरहिट बन गई। कैसे इस बात को समझा जाता है कि कोई कि कोई फिल्म हिट हुई है या फ्लॉप? किसी भी फिल्म को ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर, सुपरहिट, हिट फिल्म, एवरेज या फ्लॉप की कैटेगरी में कैसे डालते है। चलिए समझते है।

फिल्म हिट या फ्लॉप
भारत में 1 साल में करीब 100-150 के करीब फिल्में रिलीज़ होती है। लेकिन सारी हिट हो, ये जरूरी नहीं है। कुछ फिल्में ब्लॉकबस्टर बनती है तो कुछ अपना बजट भी नहीं निकाल पाती। साल 2025 में , छावा, सैयारा जैसी कई फिल्में जहां सुपरहिट साबित हुईं तो वहीं सलमान की सिकंदर, शाहिद की देवा जैसी फिल्में फ्लॉप भी हुई।
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अब ये तय करने की एक प्रक्रिया होती है। दरअसल, किसी भी फिल्म को अपने लागत से ज्यादा की कमाई करनी होती है। फिर वह फिल्म जो कमाकर देती है उसे फिल्म का कलेक्शन कहा जाता है।
ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर
जब कोई फिल्म अपनी लागत से 200 प्रतिशत से ज्यादा की कमाई करती है तो उसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर की कैटेगरी में रखा जाता है। 2016 में आई फिल्म दंगल और 2022 की फिल्म कांतारा को ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म माना जाता है। दंगल 70-80 करोड़ में बनकर तैयार हुई थी लेकिन इसने 2000 करोड़ के करीब का कलेक्शन किया था। कांतारा ने सिर्फ 20 करोड़ की लागत के साथ 407 करोड़ कमाए थे। इसके अलावा शाहरुख खान की 2023 में आई पठान और सलमान खान की 2015 में आई बजरंगी भाईजान भी शामिल है।
ब्लॉकबस्टर
जब कोई फिल्में अपनी बजट से 170 से 180 परसेंट से ज्यादा की कमाई करती है तो उसे ब्लॉकबस्टर फिल्म का टैग दिया जाता है। 2025 में विक्की कौशल की फिल्म छावा को ये टैग मिला था। इस फिल्म का बजट सिर्फ 130 करोड़ रुपये था इसके बावजूद इस फिल्म ने 890 करोड़ की कमाई की थी। इसके साथ साल 2023 में आई फिल्में गदर 2 और एनिमल, संजू, पद्मावत भी इसमे शामिल है।
सुपरहिट
जब फिल्में अपने बजट से 120 से 130 परसेंट से ज्यादा की कमाई करती है तो उन फिल्मों को सुपरहिट की कैटेगरी में रखा जाता है। 2024 में आई भूल भुलैया 3 को सुपरहिट फिल्म माना गया था। इसका बजट 150 करोड़ था और इसने 400 करोड़ के करीब की कमाई की थी। इस लिस्ट में 2024 में आई फिल्म कल्कि 2898 एडी भी शामिल है। इसका बजट 650 करोड़ के करीब था और इसने 1100 करोड़ के करीब कमाई की थी।
हिट फिल्म
जो फिल्में अपनी लागत से ऊपर सिर्फ 110 या 120 परसेंट ही कमाई कर पाती है वो हिट फिल्मों की लिस्ट में आती है। सलमान खान की भारत ने 165 करोड़ की लागत में 325 करोड़ के करीब की कमाई की थी। अक्षय कुमार की सूर्यवंशी भी इसमें शामिल है।
एवरेज
जब फिल्में अपनी लागत के बराबर ही कमाई करती है तो उन फिल्मों को एवरेज फिल्म माना जाता है। रेस 3, साहो जैसी फिल्में इसमे शामिल है। से फिल्में बस अपनी लागत निकालने में ही कामयाब रहीं थी।
फ्लॉप और डिज़ास्टर
ऐसी फिल्में जो अपनी लागत भी नही निकाल पाती उन फिल्मों को फ्लॉप और डिज़ास्टर फिल्मों का टैग दिया जाता है। ठग्स ऑफ हिंदुस्तान, आदिपुरुष, वॉर 2, जैसी फिल्में इसमे शामिल है।
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बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की 3 कड़ियां – प्रड्यूसर्स, डिस्ट्रिब्यूटर्स और थिएटर्स।
प्रड्यूसर
एक फिल्म बनाने के लिए अच्छे खासे पैसे की जरुरत होती है। फिल्म में डायरेक्टर से लेकर एक्टर, कहानी, स्क्रीनप्ले लिखने वाले, टेक्नीशियन, जूनियर आर्टिस्ट्स और उसक डिस्ट्रिब्यूटर्स तक पहुंचाने में जो भी लागत आती है वो सब प्रड्यूसर लगाता है। इसलिए प्रड्यूसर को फिल्म का मालिक कहा जाता है। फिल्म के नफे और नुकसान दोनों में प्रड्यूसर की भागेदारी होती है।
डिस्ट्रिब्यूटर्स
फिल्म बनने के बाद प्रड्यूसर उसे डिस्ट्रिब्यूटर्स को बेच देता है। जिसका काम होता है फिल्मों को ज्यादा से ज्यादा सिनेमाघरों तक ले जाना। डिस्ट्रिब्यूटर्स को आप प्रड्यूसर और थिएटर्स के बीच की कड़ी मान सकते है। डिस्ट्रिब्यूटर्स इसे राज्यों और फिल्म सर्किट में बेचते है।
कई बार प्रड्यूसर अपनी फिल्मों के थिएट्रिकल और नॉन थिएट्रिकल राइट्स डिस्ट्रिब्यूटर्स को ज्यादा पैसों में बेच देते है। जिससे प्रड्यूसर को उसकी फिल्म के पैसे मिल जाते है लेकिन अगर फिल्म फ्लॉप हुई तो डिस्ट्रिब्यूटर्स का नुकसान हो जाता है। कई बार ऐसे में प्रड्यूसर आगे आकर डिस्ट्रिब्यूटर्स को कुछ पैसे वापस भी कर देते है।
थिएटर्स
इन सबके बाद फिल्म जब सिनेमाघरों में लगती है तो उसकी कीमत हर थिएटर के हिसाब से अलग तय की जाती है। आम तौर पर सिंगल स्क्रीन थिएटर्स में टिकट की कीमतें कम रहती हैं, लेकिन मल्टीप्लेक्स की टिकटें महंगी होती हैं।
बड़े एक्टरों से फायदा नहीं
फिल्म के हिट या फ्लॉप होने में एक्टरों का पहले हाथ जरूर माना जाता था। लेकिन अब कंटेंट को किंग माना जाता है इस वजह से बड़े मेगास्टार्स की फिल्में भी कभी कभी फ्लॉप और डिज़ास्टर की कैटेगरी में आ जाती है।
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