
IDFC FIRST Bank Fraud Case : IDFC फर्स्ट बैंक में धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है. ये धोखाधड़ी हरियाणा सरकार के अकाउंट में हुई है. IDFC फर्स्ट बैंक ने रिपोर्ट किया है कि चंडीगढ़ की एक ब्रांच में हरियाणा सरकार के अकाउंट से 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई थी. IDFC फर्स्ट बैंक ने कहा कि उसकी चंडीगढ़ ब्रांच के कुछ कर्मचारी हरियाणा सरकार से जुड़े अकाउंट से 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी में शामिल थे.
बैंक ने 4 कर्मचारियों को सस्पेंड किया
IDFC फर्स्ट बैंक ने चार कर्मचारियों को संदिग्ध के तौर पर पहचाना है और जांच पूरी होने तक उन्हें सस्पेंड कर दिया है. बैंक की ये फाइलिंग तब हुई जब राज्य ने 18 फरवरी को अपने डिपार्टमेंट्स को प्राइवेट लेंडर्स के साथ अकाउंट बंद करने का निर्देश दिया है. शुरुआती इंटरनल असेसमेंट के आधार पर बैंक ने कहा कि ये मामला चंडीगढ़ ब्रांच के जरिए ऑपरेट होने वाले हरियाणा सरकार से जुड़े अकाउंट्स के एक खास ग्रुप तक ही सीमित है और ब्रांच के दूसरे कस्टमर्स तक नहीं फैला है. पहचाने गए अकाउंट्स में रिकंसिलिएशन के तहत कुल रकम लगभग 590 करोड़ रुपये है.
सभी अकाउंट्स बंद करने का निर्देश
रीजनल न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक, हरियाणा सरकार ने 18 फरवरी 2026 से प्राइवेट बैंकों खासकर IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक में अपने सभी अकाउंट्स बंद करने का निर्देश दिया है. डिपार्टमेंट्स, बोर्ड्स, कॉर्पोरेशन्स और यूनिवर्सिटीज को फंड्स निकालकर सिर्फ नेशनलाइज्ड बैंकों में शिफ्ट करना होगा. अब प्राइवेट बैंक अकाउंट्स के लिए फाइनेंस डिपार्टमेंट से पहले अप्रूवल लेना जरूरी है. इस कदम से इन बैंकों को सरकारी बिजनेस से डी-एम्पैनल कर दिया गया है.
IDFC फर्स्ट बैंक ने अब तक क्या एक्शन लिया है?
फाइलिंग के मुताबिक, बैंक ने अपने रेगुलेटर को इन्फॉर्म कर दिया है. पुलिस में कम्प्लेन फाइल कर दी है और सही लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों के पास आगे भी कम्प्लेन फाइल करने के प्रोसेस में है. इसमें ये भी कहा गया है कि इन्वेस्टिगेशन एजेंसियों को ‘पूरा कोऑपरेशन’ दिया जाएगा. इस बीच बैंक ने ये भी कहा कि वो एक इंडिपेंडेंट फॉरेंसिक ऑडिट करने के लिए एक इंडिपेंडेंट एक्सटर्नल एजेंसी को अपॉइंट करने के प्रोसेस में भी है और अपने स्टैच्युटरी ऑडिटर्स को फ्रॉड के बारे में इन्फॉर्म कर दिया है.
इंटरली बैंक ने ये स्टेप्स उठाए हैं:
इन्वेस्टिगेशन पेंडिंग रहने तक चार सस्पेक्टेड ऑफिशियल्स को सस्पेंड कर दिया गया है
बैंक एम्प्लॉइज और दूसरे बाहरी लोगों के खिलाफ सख्त डिसिप्लिनरी, सिविल और क्रिमिनल एक्शन लेगा
फ्रॉड के मामलों की मॉनिटरिंग और फॉलो-अप के लिए बोर्ड की स्पेशल कमिटी (SCBMF) की एक मीटिंग 20 फरवरी 2020 को बुलाई गई थी और मामला कमिटी के सामने रखा गया
इस मामले पर जानकारी देने के लिए 21 फरवरी को ऑडिट कमिटी और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग बुलाई गई
चार संदिग्ध अधिकारियों को जांच पूरी होने तक बर्खास्त कर दिया गया है





