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ग्लोबल टेंशन के बीच सरकार का बड़ा फैसला, कच्चे तेल और नेचुरल गैस की रॉयल्टी में किया बदलाव

वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने तेल और गैस सेक्टर में बड़ा नीतिगत बदलाव किया है. सरकार ने कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और केसिंग हेड कंडेनसेट के लिए रॉयल्टी दरों और उनकी गणना की प्रक्रिया को तर्कसंगत बनाने का फैसला लिया है.

ग्लोबल टेंशन के बीच सरकार का बड़ा फैसला, कच्चे तेल और नेचुरल गैस की रॉयल्टी में किया बदलाव
ग्लोबल टेंशन के बीच सरकार का बड़ा फैसला, कच्चे तेल और नेचुरल गैस की रॉयल्टी में किया बदलाव

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि यह कदम भारत के अपस्ट्रीम सेक्टर के लिए नए दौर की शुरुआत करेगा. उनके अनुसार, इससे लंबे समय से चली आ रही नीतिगत विसंगतियां खत्म होंगी और तेल एवं गैस क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ORD एक्ट और PNG नियमों में 2025 में किए गए संशोधनों के बाद अब रॉयल्टी व्यवस्था को भी अधिक सरल, पारदर्शी और एकरूप बनाया गया है. इससे अलग-अलग अनुबंधों और नीतियों में मौजूद अंतर खत्म होंगे और कंपनियों को स्पष्ट नियमों के तहत काम करने में आसानी होगी. सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था निवेशकों को स्थिर और अनुमानित कारोबारी माहौल देगी. इससे घरेलू और विदेशी कंपनियों का भरोसा बढ़ेगा और भारत में तेल एवं गैस की खोज और उत्पादन में निवेश तेज हो सकता है.

क्या हैं इसके मायने?

आसान शब्दों में समझें तो अब तेल और गैस निकालने वाली कंपनियों को सरकार को कितना भुगतान करना होगा और उसकी गणना कैसे होगी, इसके नियम पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट और सरल होंगे. इससे कंपनियों के लिए नीति संबंधी अनिश्चितता कम होगी. केंद्रीय मंत्री ने इसे भारत के ऊर्जा क्षेत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया. उन्होंने कहा कि सरकार जटिल नियमों की जगह एक समान और प्रतिस्पर्धी व्यवस्था लागू करना चाहती है, जो वैश्विक मानकों के अनुरूप हो.

पीएम की अपील के बाद आया फैसला

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ रही है. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन बचाने और ऊर्जा-कुशल आदतें अपनाने की अपील की है.

प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक परिवहन, स्वच्छ ऊर्जा और जरूरत पड़ने पर वर्क फ्रॉम होम तथा वर्चुअल मीटिंग्स जैसे उपायों को अपनाने की सलाह दी है, ताकि पेट्रोल और डीज़ल की खपत कम हो सके. सरकार का मानना है कि नई रॉयल्टी व्यवस्था घरेलू उत्पादन बढ़ाने और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी.

Khabar Monkey

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