BusinessViral

शेयर बाजार धड़ाम फिर भी रॉकेट बना वोडाफोन का शेयर! ये है इस तूफानी तेजी की असली वजह

आज शेयर बाजार में चौतरफा मायूसी छाई है. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार का मूड बिगाड़ दिया है, लेकिन इस गिरते बाजार में भी एक शेयर निवेशकों का ध्यान तेजी से अपनी तरफ खींच रहा है. हम बात कर रहे हैं वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) की. सोमवार, 11 मई को जब निफ्टी और बैंक निफ्टी गोते लगा रहे थे, तब यह टेलीकॉम शेयर 10 फीसदी की जबरदस्त छलांग लगाते हुए 12.37 रुपये के स्तर को छू गया. आखिर ऐसा क्या हुआ कि पूरे बाजार के उलट यह स्टॉक रॉकेट बन गया? आइए इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं.

शेयर बाजार धड़ाम फिर भी रॉकेट बना वोडाफोन का शेयर! ये है इस तूफानी तेजी की असली वजह
शेयर बाजार धड़ाम फिर भी रॉकेट बना वोडाफोन का शेयर! ये है इस तूफानी तेजी की असली वजह

गिरते बाजार में टेलीकॉम शेयर का जलवा

एक तरफ शेयर बाजार पर कच्चे तेल के बढ़ते दाम और डॉलर के मुकाबले कमजोर होते रुपये की दोहरी मार पड़ी है. निफ्टी करीब 250 अंक टूटकर 23,900 के स्तर के पास झूल रहा है. बैंक निफ्टी की हालत तो इससे भी ज्यादा खराब है, जो 600 अंक से अधिक लुढ़क चुका है. बाजार का डर नापने वाला इंडिया विक्स (India VIX) 9 फीसदी चढ़ गया है. इसके बावजूद वोडाफोन आइडिया के शेयर ने बाजार की इस सुनामी का डटकर सामना किया. पिछले शुक्रवार को 11.25 रुपये पर बंद होने वाला यह स्टॉक आज 11.22 रुपये पर खुला और देखते ही देखते 12.43 रुपये के दिन के उच्चतम स्तर पर जा पहुंचा. इस दौरान कंपनी का मार्केट कैप 1,31,636 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.

ब्रिटेन से आई एक बड़ी खबर

इस शानदार तेजी के पीछे एक बड़ी रणनीतिक वजह छिपी है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, वोडाफोन ग्रुप पीएलसी अपनी भारतीय इकाई को आर्थिक रूप से मजबूत करने की योजना बना रही है. भारत सरकार द्वारा बकाया स्पेक्ट्रम फीस से जुड़ी राहत मिलने के बाद कंपनी के लिए यह एक नई शुरुआत का मौका है. अब वोडाफोन पीएलसी अपनी बैलेंस शीट को दुरुस्त करने के लिए नया दांव चलने जा रही है. कंपनी नकद निवेश करने के बजाय ‘शेयर ट्रांसफर मॉडल’ पर विचार कर रही है. मौजूदा समय में वोडाफोन पीएलसी की वोडाफोन आइडिया में 19 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसकी कुल वैल्यू लगभग 23,160 करोड़ रुपये आंकी गई है. इसी में से कुछ हिस्सा ‘ट्रेजरी स्टॉक’ के रूप में भारतीय कंपनी के नाम किया जा सकता है.

कंपनी के साथ आम निवेशकों का फायदा

अब सवाल उठता है कि इस ट्रांसफर से कंपनी को क्या हासिल होगा? दरअसल, जब वोडाफोन आइडिया (Vi) को यह शेयर मिलेंगे, तो वह इन्हें बाजार में बेचकर या निवेशकों के पास गिरवी रखकर एक बड़ी रकम जुटा सकेगी. इस पैसे का सीधा इस्तेमाल कंपनी के इंफ्रास्ट्रक्चर और नेटवर्क विस्तार में किया जाएगा. बाजार के जानकारों का मानना है कि इस कदम से कंपनी की वित्तीय हालत में सुधार होगा.

इसके अलावा मैनेजमेंट स्तर पर भी एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. 5 मई को रविंदर टक्कर ने नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है, जिनकी जगह अब दिग्गज उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला ने कमान संभाल ली है. इन दोनों बड़े घटनाक्रमों ने निवेशकों का भरोसा वापस लौटाया है. बोनान्जा रिसर्च की एनालिस्ट खुशी मिस्त्री भी मानती हैं कि यह तेजी रेगुलेटरी सपोर्ट, फंड जुटाने की उम्मीदों का सीधा नतीजा है.

Khabar Monkey

लगातार मुनाफे का शानदार ट्रैक रिकॉर्ड

अगर इस शेयर के हालिया प्रदर्शन पर नजर डालें, तो इसने निवेशकों को निराश नहीं किया है. पिछले एक हफ्ते में ही इस स्टॉक ने 16 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है. एक महीने का आंकड़ा देखें तो यह करीब 32 फीसदी तक भाग चुका है. लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह एक मल्टीबैगर साबित हो रहा है, क्योंकि बीते एक साल में इस शेयर ने लगभग 84 फीसदी का शानदार मुनाफा कमा कर दिया है.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.
khabarmonkey@gmail.com

Leave a Reply