आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर में हुए चंदा चोरी मामले को लेकर एक बार फिर हमला बोला. गोवा दौरे पर आए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पूरा देश पूछ रहा कि राम मंदिर के ताकतवर चंदा चोरों को क्यों बचा रहे हैं? राम मंदिर में करोड़ों का जमीन घोटाला, निर्माण में 40 फीसद कमीशनखोरी और चढ़ावा चोरी हो गया. प्रधानमंत्री को कैसे पता नहीं चला? पीएम ने ही राम मंदिर ट्रस्ट बनाया, सारे सदस्यों को खुद चुना औरर चंपत राय को सर्वेसर्वा बनाया. अब जब घोटाला सामने आया है तो उन्हें बचाने में लग गए हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले में हुए इस्तीफे, गिरफ्तारी, एसआईटी और एफआईआर सब फर्जी है. ये सिर्फ लोगों को दिखाने के लिए है.

आप के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि गोवा के लोग बहुत धार्मिक हैं. जब का निर्माण हुआ, तो गोवा के हिंदुओं ने बढ़चढ़कर और दिल खोलकर पूरी श्रद्धा के साथ दान किया था. लेकिन अब जब राम मंदिर में घोटाले और चढ़ावा चोरी की बातें सामने आ रही हैं, तो गोवा के सभी सनातनी इसे सुनकर बहुत ज्यादा दुखी हैं. बताया जा रहा है कि भगवान राम का हार, पादुका और आभूषण चोरी हो गए हैं. लोगों ने पूरी श्रद्धा से हीरेजवाहरात चढ़ाए थे, वे भी चोरी हो गए. किसी ने 200 किलो चांदी की ईंटें दी थीं, वो भी चोरी हो गईं. चांदी के दीये चोरी हो गए और 200 करोड़ रुपए का कैश चोरी हो गया. रोज जितनी बातें सामने आ रही हैं, उससे लोगों की आस्था को और ज्यादा ठेस पहुंच रही है.
3 करोड़ की जमीन 24 करोड़ में कैसे?
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि यह मामला उन दिनों मीडिया में भी था और सबको पता था. इसी तरह 3 करोड़ की जमीन मंदिर ट्रस्ट ने 24 करोड़ में और 9 करोड़ की एक जमीन 55 करोड़ में खरीदी. 14 करोड़ की जमीनें 95 करोड़ में खरीदी गईं. इसके कागज जनता के बीच मौजूद हैं. इन लोगों ने 1 रुपए की जमीन को 10 रुपए में खरीदकर राम मंदिर निर्माण के चंदे को साइफन ऑफ किया.
अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि जब मंदिर बनने लगा तो इंजीनियर्स ने रिकॉर्ड पर गवाही दी कि हर टेंडर में 40 फीसद कमीशन लिया गया. अब निकलकर आ रहा है कि चढ़ावे की चोरी हो रही थी. सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से पता चला है कि 40 दिन में 70 बार चोरी होने के सबूत सामने आए हैं. लोग सीसीटीवी में 70 बार चोरी करते हुए दिखाई दे रहे हैं और इन लोगों ने 8 महीने की सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर दी है. जितनी चोरी की जानकारी सामने आई है, वह केवल एक छोटी सी झलक है, पता नहीं कितनी चोरी हुई है.
प्रधानमंत्री को कैसे नहीं सब मालूम?
अरविंद केजरीवाल ने कहा लोग कह रहे हैं कि मोदी जी किसी को नहीं बख्शेंगे और बड़ेबड़े लोगों को सजा दिलाएंगे. वे कह रहे हैं कि मोदी जी को अभी तक पता नहीं था, अब पता चला है. लेकिन लोग की इस बात को मानने को तैयार नहीं हैं कि मोदी जी को पता नहीं था. लोगों को यकीन है कि प्रधानमंत्री को सब पता था. मोदी जी ने खुद ट्रस्ट बनाया और उसमें एकएक व्यक्ति उनका अपना चुना हुआ आदमी है. चंपत राय मोदी जी के खास आदमी हैं, जिन्हें उन्होंने इस मंदिर का सर्वेसर्वा बनाया. सारी पावर और मैनेजमेंट चंपत राय के पास थी, उनके बिना मंदिर में एक पत्ता नहीं हिल सकता था.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी जी से पूछना चाहिए कि इतने दिनों से इतनी चोरी चल रही थी और उन्हें कैसे पता नहीं चला? 2 करोड़ की जमीन 18 करोड़ में बिकी, मीडिया में भी आया, क्या मोदी जी को पता नहीं चला? 3 करोड़ की जमीन 24 करोड़ में बिकी, 14 करोड़ की जमीनें 95 करोड़ में खरीदी गईं और सारे कागज सार्वजनिक डोमेन में हैं, फिर भी मोदी जी को पता नहीं था?
संजय सिंह जमीनों के घोटाले के कागज लेकर गए
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि इस एसआईटी के बनने के बाद आप सांसद संजय सिंह जब जमीनों के घोटाले के कागज लेकर गए, तो एसआईटी ने कहा कि जमीनों के घोटाले की जांच करना उनकी पावर में नहीं है. तो फिर इनकी पावर क्या है? ये जमीनों और कंस्ट्रक्शन में हुए घोटाले की जांच नहीं कर रहे, तो फिर क्या जांच कर रहे हैं?
2021 में जब जमीनों का घोटाला सामने आया था, तब भी इन्होंने एक एसआईटी बना दी थी. उस एसआईटी का क्या हुआ, किसी को कुछ पता नहीं है. कोई एफआईआर, कोई गिरफ्तारी और कोई एक्शन नहीं हुआ, वह एसआईटी मर गई. अब यह एसआईटी भी मर जाएगी. असल में ये लोगों की आंखों में धूल झोंक रहे हैं. इन्हें पता है कि जनता की याददाश्त बहुत छोटी होती है, इसलिए ये 1515 दिन का एक्सटेंशन देते रहेंगे और यह एसआईटी भी मर जाएगी.




