यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. इससे पहले 10 मई को योगी कैबिनेट का विस्तार होने जा रहा है. सूत्रों का कहना है कि करीब आधा दर्जन नए मंत्रियों के नाम फाइनल हो चुके हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से आज मुलाकात भी की है. इस कैबिनेट विस्तार को लेकर समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ने बीजेपी के साथ ही बिना नाम लिए राज्य के दोनों डिप्टी सीएम पर पर तंज कसा है.

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, दिल्ली से पर्ची आ गई क्या?सुना है यूपी में कैबिनेट का विस्तार हो रहा है या यूं कहें कि मुख्यमंत्री जी की शक्ति का कटाव-झटाव हो रहा है, जिनका मंत्रिमंडल है उनसे भी तो कोई पूछ लें. हमारी मांग है कि यूपी के मंत्रिमंडल विस्तार में महिलाओं को आरक्षण दिया जाए.
“वो अगले-बगले ही झांकते रह जाएंगे या सिर्फ रील बनाते”
इसी पोस्ट में अखिलेश यादव आगे लिखते हैं, वैसे ये सवाल भी कुलबुला रहा हैं: अगल-बगल की जोड़ी का कुछ हला-भला होगा या फिर वो अगले-बगले ही झांकते रह जाएंगे या सिर्फ़ रील बनाते. बिना नाम लिए अखिलेश ने ये तंज राज्य के दोनों डिप्टी सीएम पर किया है. इससे पहले भी उन्होंने एक रील शेयर कर दोनों नेताओं पर हमला बोला था.
अखिलेश यादव ने क्या कहा था?
एक मई को अखिलेश यादव ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक का एक वीडियो एक्स पर शेयर करते हुए लिखा था- दो स्टूलों को मिलाने से कुर्सी नहीं बनती! इसके बाद दोनों डिप्टी सीएम ने उन्हें करारा जवाब दिया था. पलटवार करते हुए केशव ने कहा था- एक फिट और हिट जोड़ी से आपका घबराना निहायत ही जायज है. आपकी जानकारी के लिए यह अच्छा भी है क्योंकि केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक की जोड़ी आज जनता के भरोसे की पहचान बन चुकी है.
“आपके संरक्षण में हुए अत्याचारों को कोई भूलेगा नहीं”
एक्स पर पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा, मैं महान चक्रवर्ती सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के वंश का प्रतिनिधि हूं. उनके आदर्शों से प्रेरित होकर अखंड भारत के निर्माण के लिए संकल्पित हूं. इसके साथ ही करुणावतार भगवान गौतम बुद्ध की विरासत से भी जुड़ा हूं, जिन्होंने संसार को शांति, समता और न्याय का मार्ग दिखाया.
Khabar Monkey
लेकिन योजनाबद्ध तरीके से आपके संरक्षण में शाक्य समाज सहित कुशवाहा, मौर्य, सैनी और अन्य वंचित व कमजोर वर्गों पर किए गए अत्याचारों को देश-प्रदेश न भूला है और न ही भूलेगा.इन अन्यायों का जवाब आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से कमल खिलाकर दिया जाएगा. 2047 तक विकसित भारत व विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प के साथ हर अन्याय का पूरा हिसाब किया जाएगा. कुछ ऐसा ही जवाब पाठक ने भी दिया था.





