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आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर चक्का जाम, 17 जिलों में असर, घर से निकलने से पहले चेक कर लें नाम

भोपाल: मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। किसानों के साथ हो रहे कथित अन्याय और शोषण के विरोध में 7 मई 2026 को आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे (NH-3) पर विशाल चक्का जाम किया जा रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने साफ कर दिया है कि अगर किसानों की समस्याएं हल नहीं हुईं, तो यह लड़ाई सड़क से जेल तक लड़ी जाएगी।

आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर चक्का जाम, 17 जिलों में असर, घर से निकलने से पहले चेक कर लें नाम
आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर चक्का जाम, 17 जिलों में असर, घर से निकलने से पहले चेक कर लें नाम

सुबह 11 बजे से शुरू होगा प्रदर्शन
कांग्रेस और किसान संगठनों ने मिलकर इस विरोध प्रदर्शन की रणनीति बनाई है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के अनुसार, गुरुवार सुबह 11:00 बजे से नेशनल हाईवे-3 पर अलग-अलग जिलों में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे। इससे मुंबई और आगरा के बीच होने वाला परिवहन बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।

क्यों हो रहा है चक्का जाम?
जीतू पटवारी ने सरकार पर वादाखिलाफी के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके मुताबिक:

गेहूं का दाम: बीजेपी ने चुनाव के वक्त 2700 रुपये प्रति क्विंटल का वादा किया था, लेकिन अभी किसानों को सिर्फ 2625 रुपये मिल रहे हैं।

खरीद में कमी: राज्य में कुल उत्पादन के मुकाबले सरकार बहुत कम गेहूं खरीद रही है, जिससे किसानों को खुले बाजार में नुकसान उठाना पड़ रहा है। धान, खाद की किल्लत और खेती के उपकरणों से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार पूरी तरह फेल रही है।

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यह सरकार किसानों से किए वादे तोड़ रही है। समर्थन मूल्य और असल खरीद मूल्य में अंतर के कारण किसान भारी आर्थिक घाटा झेल रहे हैं। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, कांग्रेस चैन से नहीं बैठेगी।

जीतू पटवारी (प्रदेश अध्यक्ष, मध्य प्रदेश कांग्रेस)
इन 17 जिलों में दिखेगा असर
हाईवे जाम होने के कारण यात्री बसों और मालवाहक ट्रकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। प्रदर्शन का मुख्य केंद्र ये जिले रहेंगे:
ग्वालियर-चंबल मुरैना, भिंड, दतिया, ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, गुना, अशोकनगर
मालवा-निमाड़ शाजापुर, देवास, राजगढ़, आगर मालवा, उज्जैन
भोपाल क्षेत्र सीहोर, विदिशा, रायसेन, भोपाल

सड़क से जेल तक की चेतावनी
जीतू पटवारी ने बुधवार को कड़े शब्दों में सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मोहन यादव सरकार किसानों की बेबसी के प्रति उदासीन है। खाद की किल्लत हो या उपकरणों पर सब्सिडी का मामला, किसान हर तरफ से पिस रहा है। कांग्रेस इस चक्का जाम के जरिए सरकार की नींद तोड़ने की कोशिश कर रही है। प्रशासन ने भी प्रदर्शन को देखते हुए हाईवे पर सुरक्षा बढ़ा दी है और ट्रैफिक को डाइवर्ट करने की तैयारी की है।

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