क्या एक साधारण च्युइंग गम कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का पता लगा सकती है? सुनने में यह किसी साइंस-फिक्शन फिल्म जैसा लगता है, लेकिन वैज्ञानिकों ने हकीकत में एक ऐसा ‘बायोइंजीनियर्ड च्युइंग गम’ तैयार किया है जो ओरल कैंसर की जंग में गेम-चेंजर साबित हो सकता है। मुंह का कैंसर यानी ओरल कैंसर, जिसका पता अक्सर तब चलता है जब बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी होती है। वैज्ञानिकों ने एक ऐसी एंटी-कैंसर च्युइंग गम बनाई है जो मुंह के कैंसर को मात देने में सक्षम है।
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University of Pennsylvania के स्कूल ऑफ डेंटल मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने Henry Daniell के नेतृत्व में रिसर्च की है जिसमें बताया गया है कि बायोइंजीनियर्ड च्युइंग गम से निकाले गए तत्व सिर और गर्दन के कैंसर (HNSCC) से जुड़े तीन माइक्रोब्स के स्तर को काफी हद तक कम कर सकते हैं। यह अध्ययन Scientific Reports में प्रकाशित हुआ है, जो एक सस्ता और आसानी से उपलब्ध इलाज का विकल्प दिखाता है।
मुंह का कैंसर
HNSCC एक आम प्रकार का कैंसर है, जो मुंह और गले की अंदरूनी परतों यानी टिश्यू में बनता है। यह अक्सर आक्रामक होता है और इस कैंसर का पता देर से लगने पर इसके परिणाम खराब हो सकते हैं। डैनियल के अनुसार, हाल ही में मंजूर कई कैंसर दवाएं जीवन की गुणवत्ता या पांच साल तक जीवित रहने की दर में खास सुधार नहीं कर पाई हैं, जिससे नए इलाज की जरूरत और बढ़ जाती है।
लैब में तैयार खास बीन च्युइंग गम
पेन डेंटल की लैब में तैयार बायोइंजीनियर्ड बीन गम (च्युइंग गम) को इस तरह बनाया गया है कि यह मुंह में मौजूद फायदेमंद बैक्टीरिया को नुकसान पहुंचाए बिना, कैंसर से जुड़े तीन माइक्रोब्स के स्तर को लगभग जीरों तक ला सकता है। यह गम लैब बीन्स से बनाया गया है, जिसमें FRIL नाम का एक प्रोटीन होता है, जो प्राकृतिक एंटीवायरल गुण रखता है। यह गम लैबलैब बीन्स से बनाया गया है, जिसमें FRIL नाम का एक प्रोटीन होता है, जो प्राकृतिक एंटीवायरल गुण रखता है।
शोधकर्ताओं ने HNSCC मरीजों के मुंह के सैंपल्स का विश्लेषण किया और तीन माइक्रोब्स के स्तर को मापा
- ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV)
- Porphyromonas gingivalis (Pg)
- Fusobacterium nucleatum (Fn)
गम थेरेपी से खतरनाक माइक्रोब्स में दिखी कमी
डैनियल बताते हैं कि दुनियाभर में बढ़ रहे ऑरोफेरिंजियल यानी गले के ऊपरी हिस्से के कैंसर का बड़ा कारण HPV संक्रमण है। वहीं Pg और Fn बैक्टीरिया संक्रमण, बिना इलाज वाले या बार-बार होने वाले ओरल कैंसर में मरीज के जिंदा रहने की संभावना कम होती जाती है, चाहे सर्जरी या अन्य उपचार किए गए हों।
रिसर्च में हुआ खुलासाशोधकर्ताओं ने रिसर्च में पाया कि बीन गम के एक्सट्रैक्ट से लार में HPV का स्तर 93% तक कम हुआ। माउथ रिंस सैंपल में HPV 80% तक घटा। इतना ही नहीं इसके बाद जब प्रोटेग्रिन जो एक एंटीमाइक्रोबियल पेप्टाइड है मिलाया गया तो Pg और Fn का स्तर लगभग शून्य तक पहुंच गया, जबकि मुंह के अच्छे बैक्टीरिया सुरक्षित रहे। यह तरीका रेडिएशन थेरेपी से अलग है, क्योंकि रेडिएशन अच्छे बैक्टीरिया को भी खत्म कर देता है और हानिकारक यीस्ट (Candida) बढ़ा सकता है।
क्यों है यह खोज अहम?
2022 में होंठ और मुंह के कैंसर दुनिया भर में किशोरों, युवाओं और मध्यम आयु वर्ग में कैंसर के मामलों और मौतों के लिहाज से सातवें स्थान पर था। डैनियल के अनुसार इस च्युंगम से मुंह के कैंसर को मात दी जा सकती है।
रिसर्च में क्या निकला नतीजा
इस तरह की गम थेरेपी को क्लिनिकल ट्रायल में आगे बढ़ाया जा सकता है जिसमें मौजूदा इलाज के साथ सहायक (adjuvant) थेरेपी के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इस थैरेपी को संक्रमण और फैलाव रोकने के लिए प्रिवेंटिव उपाय के रूप में भी अपनाया जा सकता है
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। इसमें बताई गई रिसर्च शुरुआती स्तर पर है और इसे अभी व्यापक क्लिनिकल उपयोग के लिए पूरी तरह स्वीकृति नहीं मिली है। यह किसी भी तरह से पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या, कैंसर या ओरल हेल्थ से जुड़ी परेशानी होने पर योग्य डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें। बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी उपचार, दवा या उत्पाद का उपयोग न करें।





