Balrampur Hospital Negligence: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले एक निजी अस्पताल में बड़ी लापरवाही देखने को मिली है. यहां डिलीवरी ऑपरेशन के दौरान मेडिकल टीम ने महिला के पेट में रुई ही छोड़ दी, जिससे कुछ दिनों बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी. आरोप है कि डॉक्टर्स और अस्पताल संचालक पैसे लेकर इलाज के नाम पर महिला को कई दिनों तक मूर्ख बनाते रहे. बहराइच जिले में जांच कराए जाने पर पूरा मामला पानी की तरह साफ हो गया.

जानकारी के अनुसार, जिला के निजी मेडिवे अस्पताल में गर्भवती महिला अंजू देवी ने प्रसव ऑपरेशन कराया था. बेटी का जन्म हुआ. हालांकि, कुछ दिनों अंजू देवी की हालत बिगड़ने लगी. आरोप है कि आरबीएसके अस्पताल का संचालन करने वाली डॉक्टर प्रतिभा यादव, डॉक्टर संतोष यादव और संचालक बीडी कौटियाल मिलीभगत कर महिला से इलाज के नाम पर पैसे लेकर बेवकूफ बनाते रहे. इस पूरे मामले में संयुक्त जिला अस्पताल की डॉक्टर मेधावी सिंह की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई.
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बहराइच जांच में हुआ खुलासा
उन्होंने ने ही पीड़िता का ऑपरेशन किया था. कई दिनों तक इलाज के कराने के बाद भी आराम नहीं मिलने पर बहराइच जिले में जांच कराई गई, जहां पूरा मामला परत-दर-परत खुलता चला गया. मेडिकल रिपोर्ट में सामने आया कि महिला सर्जन ने प्रसूता के पेट में सर्जिकल स्पंज(रुई) छोड़ दिया. इसी कारण से उसकी आंतों में सड़न पैदा गई थी. इसके बाद महिला का दो बार ऑपरेशन किया गया, तब कहीं जाकर उसकी जान बच सकी.
तीन के खिलाफ एफआईआई दर्ज
स्वास्थ्य विभाग की जांच में सभी लोग जिम्मेदार पाए गए हैं. जिसके बाद बीडी कौटियाल संचालक, आरबीएसके की डॉ प्रतिभा, दूसरे कथित संचालक संतोष कुमार यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है. जांच सामने आया है कि की आरबीएसके की डॉ प्रतिभा के पास कोई बिना डिग्री के ही एलोपैथी मरीजों का इलाज कर रही थी.




