
Rajasthan IT Raid: राजस्थान के औद्योगिक गलियारे से गुरुवार सुबह एक ऐसी खबर आई, जिसने व्यापारिक जगत में सनसनी फैला दी है। देश की दिग्गज प्लाईवुड और लेमिनेट निर्माता कंपनी ग्रीनलैम लेमिनेट्स आयकर विभाग के निशाने पर आ गई है।
बता दें कि गुरुवार तड़के विभाग की संयुक्त टीमों ने कंपनी के बहरोड़ स्थित बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्लांट पर अचानक छापेमारी शुरू कर दी, जो खबर लिखे जाने तक लगातार जारी है।
तड़के हुई ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ जैसी कार्रवाई
आयकर विभाग की यह छापेमारी किसी फिल्मी सीन से कम नहीं थी। जानकारी के मुताबिक, कार्रवाई को इतना गोपनीय रखा गया था कि स्थानीय पुलिस और प्रशासन तक को इसकी कानों-कान खबर नहीं होने दी गई।
गुरुवार अलसुबह, जब औद्योगिक क्षेत्र रीको (RIICO) फेज-2 में काम की शुरुआत ही हुई थी, तभी अचानक 8 गाड़ियों का एक बड़ा काफिला कंपनी के मुख्य द्वार पर आकर रुका। इन गाड़ियों में दिल्ली और जयपुर के आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सवार थे। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए टीम के साथ CRPF (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) के हथियारबंद जवान भी तैनात थे, जिन्होंने पहुंचते ही पूरी फैक्ट्री के चारों ओर मोर्चा संभाल लिया।
कर्मचारियों के फोन जब्त
जैसे ही आयकर विभाग की टीम फैक्ट्री परिसर के भीतर दाखिल हुई, सबसे पहले वहां तैनात सुरक्षा गार्डों और मौजूद कर्मचारियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि छापेमारी की सूचना बाहर न जा सके और न ही कोई डिजिटल साक्ष्य नष्ट किया जा सके।
अचानक हुई इस रेड से फैक्ट्री के भीतर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुबह की शिफ्ट में काम पर आए मजदूरों और कर्मचारियों को समझ ही नहीं आया कि आखिर माजरा क्या है। टीम ने तुरंत कंपनी के ‘एडमिन ब्लॉक’ को अपने नियंत्रण में ले लिया, जहां से कंपनी का पूरा वित्तीय लेखा-जोखा संचालित होता है।
जांच के घेरे में ‘टैक्स चोरी’ और ‘संदिग्ध लेनदेन’
सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग को पिछले काफी समय से ग्रीनलैम लेमिनेट्स द्वारा बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के इनपुट मिल रहे थे। वर्तमान में अधिकारी निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
कंपनी के बही-खातों, निवेश से जुड़े कागजातों और बैंक ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच की जा रही है।
आईटी एक्सपर्ट्स की टीम कंपनी के मुख्य सर्वर, कंप्यूटर हार्ड डिस्क और क्लाउड डेटा को खंगाल रही है ताकि छिपे हुए वित्तीय विवरणों का पता लगाया जा सके।
विभाग को संदेह है कि कंपनी ने अपने मुनाफे का एक बड़ा हिस्सा छिपाया है और बेनामी संपत्तियों में निवेश किया है।
औद्योगिक जगत में मची खलबली
ग्रीनलैम देश की उन गिनी-चुनी कंपनियों में शामिल है, जिसका कारोबार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला हुआ है। ऐसे में बहरोड़ स्थित इसकी प्रमुख यूनिट पर छापेमारी की खबर जंगल की आग की तरह फैल गई।
रीको क्षेत्र के अन्य उद्यमियों और व्यापारियों में भी इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मचा हुआ है। वर्तमान में फैक्ट्री के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स को पूरी तरह सील कर दिया गया है और किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
क्या होगा अगला कदम?
आयकर विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, क्योंकि जांच अभी शुरुआती चरण में है। जानकारों का कहना है कि यह जांच अगले 24 से 48 घंटों तक चल सकती है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस कार्रवाई के अंत में कोई बड़ी ‘अघोषित संपत्ति’ उजागर होती है या कंपनी इन आरोपों से साफ निकलती है।





