Aata Deeepak Kitne Din Jalaye : हिन्दू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान दीपक जलाने का विधान है। इसके साथ ही शुभ या मांगलिक कार्यों में भी दीपक जरूर जलाया जाता है। जो अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर ज्ञान और प्रकाश लाता है। यह पूजा में एकाग्रता लाता है और देवताओं को प्रसन्न करता है।

हिंदू धर्म शास्त्रो में आटे का दीपक जलाना बेहद प्रभावशाली और शुभ माना गया है। ज्योतिष शास्त्र और मान्यताओं के अनुसार, यदि कोई विशेष मन्नत पूरी करनी हो, तो साधारण मिट्टी के दीपक की जगह आप आटे का दीपक जला सकते हैं, जिससे अच्छे परिणाम मिलते हैं।
आटे का जलाने की सही विधि और नियम
हिंदू धर्म शास्त्रो में ( Aate Ka Deepak) जलाना बेहद प्रभावशाली और शुभ बताया गया हैं। कहा जाता है कि, अपनी मनोकामना सिद्धि के लिए आटे के दीपक जलाना आपके लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
आटे का दीपक कितनी संख्या
आटे का दीपक के लिए पहले दिन 1 दीपक जलाएं, दूसरे दिन 2, और इसी तरह 11वें दिन तक दीपकों की संख्या 11 कर दें।11 दिन पूरे होने के बाद, अगले दिन से संख्या घटाना शुरू करें (जैसे 10, 9, 8…) और इसे वापस 1 पर ले आएं। इस तरह आटे का दीपक जलाने से की संभावना बढ़ जाती है।
ऐसे तैयार करें ‘सिद्ध’ दीपक
- आटे का दीपक तैयार करने के लिएशुद्ध गेहूं का आटा लेकर उसमें चुटकी भर हल्दी मिलाकर गूंथ लें। हिंदू धर्म में हल्दी सौभाग्य का प्रतीक बताया गया है।
- इसके बाद अपने हाथों से आटे को दीपक का सुंदर आकार दें।
- दीपक जलाने के लिए अपनी इच्छा के अनुसार शुद्ध घी या तिल के तेल का प्रयोग करें।
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आटे का दीपक जलाने के क्या है फायदे?
- आटे का दीपक जलाने से घर में पॉजिटिव एनर्जी और सुख-शांति का संचार होता है।
- यदि आप आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, तो आटे के दीपक का उपाय आपके लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
- परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम बढ़ता है और आपसी विवाद सुलझते हैं।
मनोकामना पूरी होने पर क्या करें?
यदि आपकी प्रार्थना स्वीकार हो जाती है, तो अंत में सभी दीयों को इकट्ठा करके किसी मंदिर में जाकर रख सकते हैं। अगर उपाय के बीच में ही आपकी मन्नत पूरी हो जाए, तब भी नियम को बीच में न छोड़ें। संकल्पित दिनों तक इसे पूरा करना जरूरी होता है। आटे के दीपक को गाय को खिलाया जा सकता है या फिर मिट्टी में दबाया जा सकता है।





