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‘कांग्रेस के आखिरी हिंदू नेता’ BJP में जाएंगे? असम में भूपेन बोरा के इस्तीफे पर बवाल, CM सरमा ने दिया ऑफर

‘कांग्रेस के आखिरी हिंदू नेता’ BJP में जाएंगे? असम में भूपेन बोरा के इस्तीफे पर बवाल, CM सरमा ने दिया ऑफर
'कांग्रेस के आखिरी हिंदू नेता' BJP में जाएंगे? असम में भूपेन बोरा के इस्तीफे पर बवाल, CM सरमा ने दिया ऑफर

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा

असम में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज होती जा रही है. कल सोमवार को राज्य में खासी हलचल की स्थिति बनी रही क्योंकि असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया. कांग्रेस के लिए यह खबर झटके वाली थी तो बीजेपी ने इसे लपकने की कोशिश की. शाम होते-होते यह खबर आई कि उन्होंने इस्तीफा वापस ले लिया है जबकि CM सरमा का कहना है कि मंगलवार को उनके साथ मुलाकात होनी है.

चुनावी मुहाने पर खड़े असम में एक इस्तीफे ने राज्य में सियासी पारा चढ़ा दिया है. उत्तर प्रदेश के दौरे पर आए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कल मिर्जापुर में कहा, “मुझे नहीं लगता कि उन्होंने (भूपेन बोरा) अपना इस्तीफा वापस लिया है. अभी 10 मिनट पहले मैंने उनसे फोन पर बात की, और उन्होंने मुझे कल शाम 7 बजे अपने घर पर बुलाया है. अब अगर उन्होंने अपना इस्तीफा वापस लिया होता तो मुझे क्यों न्योता देते.”

उम्मीद है कि बोरा बीजेपी में आएंगेः CM सरमा

उन्होंने आगे कहा, “संभावना है कि वह बीजेपी में आएंगे. मैं यह चाहता हूं कि वो भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हों क्योंकि वे असम में कांग्रेस के अंदर आखिरी हिंदू नेता हैं. शाम 7 बजे मुलाकात के बाद यह पक्का हो जाएगा.”

इससे पहले इस्तीफे के बाद हरकत में आई पार्टी के कई नेताओं ने दावा किया कि आलाकमान के हस्तक्षेप के बाद असम कांग्रेस के पूर्व प्रमुख भूपेन बोरा ने अपने इस्तीफे पर पुनर्विचार करने का फैसला किया है. कांग्रेस के प्रदेश इंचार्ज जितेंद्र सिंह ने दावा किया कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के उनसे बात करने के बाद बोरा ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है. हालांकि, बोरा का कहना है कि उन्होंने अपने फैसले पर दोबारा विचार करने के लिए आलाकमान से समय मांगा है.

यह हमारा अंदरुनी मामलाः जितेंद्र सिंह

जितेंद्र सिंह ने बोरा के घर के बाहर रिपोर्टर्स से कहा, “पार्टी नेतृत्व ने बोरा से इस मामले पर बात की है. राहुल गांधी ने भी उनसे 15 मिनट बात की.” इस्तीफे को लेकर जितेंद्र ने कहा, “यह हमारी पार्टी का अंदरूनी मामला है; हमने उन मुद्दों पर विस्तार में बात की जिससे वह परेशान थे और मैं उन्हें अपना इस्तीफा वापस लेने के लिए धन्यवाद देता हूं.”

भूपेन बोरा को मनाने के लिए जितेंद्र सिंह के अलावा असम कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई, सांसद प्रद्युत बोरदोलोई, विधानसभा में विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया और पार्टी के दूसरे विधायक समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता उनके घर पहुंचे और उन्हें मनाने की कोशिश की.

दूसरी ओर, पूरे घटनाक्रम को लेकर बोरा का कहना है कि उन्होंने अपने फैसले पर दोबारा सोचने के लिए पार्टी आलाकमान से समय मांगा है. उन्होंने कहा, “मेरे कुछ पुराने साथी और पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व मेरे घर आए थे, मैं उनका सम्मान करता हूं. उन्होंने यह भी कहा, “मैंने कल (मंगलवार) सुबह तक का समय मांगा है ताकि मैं अपने परिवार से बात कर सकूं और इस बारे में आगे का फैसला ले सकूं.”

CM के घर आने पर क्या बोले भूपेन बोरा

बोरा करीब 32 सालों तक कांग्रेस से जुड़े रहे हैं. अपने इस्तीफे को लेकर आगे के फैसले के लिए उन्होंने समय मांगा है. अंतिम फैसला लेने से पहले वह कई वरिष्ठ नेताओं और शुभचिंतकों से सलाह ले रहे हैं. उनका कहना है कि मैंने इस्तीफा भेजकर कुछ गलत नहीं किया है. बोरा बिहपुरिया क्षेत्र से वह 2 बार विधायक चुने गए. बोरा 2021 से 2025 तक असम कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष थे, और पिछले साल गौरव गोगोई ने उनकी जगह ली थी.

भूपेन बोरा ने CM सरमा के इस बयान पर कि वह उनके घर आएंगे, इस पर उन्होंने कहा, “अगर कोई मुख्यमंत्री मेरे घर आना चाहता है, तो यह बड़े गर्व की बात है.” बोरा ने सरमा के कांग्रेस छोड़ने का जिक्र करते हुए कहा, “एक समय सरमा को भी पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि 58 विधायकों के समर्थन के बावजूद उन्हें असम का मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया. क्या यह पार्टी की आंतरिक राजनीति है? ऐसी राजनीति कब तक चलेगी?

इससे पहले सीएम सरमा ने कहा था कि भूपेन बोरा के लिए बीजेपी के दरवाज़े बोरा के लिए खुले हैं और अगर वह पार्टी में शामिल होते हैं तो उन्हें “सेफ सीट” से चुने जाने में मदद करने का वादा किया.

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