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Viral Video: क्या होता है corporate job का दर्द? महिला का ये वीडियो देख समझ जाएंगे आप – Khabar Monkey

Viral Video: क्या होता है corporate job का दर्द? महिला का ये वीडियो देख समझ जाएंगे आप – Khabar Monkey
Viral Video: क्या होता है corporate job का दर्द? महिला का ये वीडियो देख समझ जाएंगे आप

क्या होता है corporate job का दर्द?Image Credit source: Social Media

24 साल की एक महिला ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया, जिसने corporate job जीवन और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है. वीडियो की शुरुआत वह एक बेहद असरदार सवाल से करती है और कहती है कि क्या आप जानते हैं कि नौकरी खोने से भी ज्यादा डरावना क्या होता है? जब आप खुद को इस हालत में देखने लगते हैं. उसके इस एक लाइन ने हजारों लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया. वीडियो को शेयर करते हुए उसने कैप्शन में लिखा कि जानते हैं इससे भी ज्यादा डरावना क्या है? नींद का छिन जाना, मन की शांति खो देना और अपने ही आत्मविश्वास को टूटते हुए महसूस करना. इस छोटे से वीडियो में वह खुलकर बताती है कि लगातार तनाव और काम के दबाव ने उसकी जिंदगी को किस तरह बदल दिया है. उसके चेहरे की थकान और आवाज़ की गंभीरता साफ दिखाती है कि वह केवल अपने बारे में नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों की बात कर रही है जो इसी दौर से गुजर रहे हैं.

वो समझाती है कि नौकरी चले जाना निश्चित रूप से कठिन होता है, लेकिन उससे भी ज्यादा भयावह है खुद को धीरे-धीरे अंदर से टूटते हुए देखना. जब रातों की नींद गायब हो जाए, मन हमेशा बेचैन रहे और आत्मविश्वास धीरे-धीरे कम होने लगे, तब इंसान बाहर से भले ही काम करता दिखे, भीतर से खाली महसूस करने लगता है. उसके शब्दों में आप रोज काम पर जाते हैं, पैसे कमाते हैं, अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं, लेकिन इसी प्रक्रिया में अपनी खुशियों से समझौता कर लेते हैं.

क्या कहा आखिर महिला ने?

वो सवाल उठाती है कि आखिर क्यों हममें से ज्यादातर लोग अपनी नौकरी इसलिए नहीं चुनते क्योंकि हमें वह पसंद है, बल्कि इसलिए चुनते हैं क्योंकि हमें सिखाया गया है कि जिंदा रहना खुशी से ज्यादा जरूरी है. बिल भरने होते हैं, परिवार की जिम्मेदारियां होती हैं, भविष्य की चिंताएं होती हैं. इन सबके बीच मानसिक स्वास्थ्य अक्सर पीछे छूट जाता है. लोग अपने तनाव को दबाकर काम करते रहते हैं, चेहरे पर मुस्कान रखते हैं और अंदर ही अंदर घुटते रहते हैं.

उसके मुताबिक, ये कमजोरी नहीं है. यह उस व्यवस्था की सच्चाई है, जहां लगातार काम करते रहना और सहन करना ही सफलता की निशानी माना जाता है. यहां आराम करने को आलस्य समझ लिया जाता है और खुद के लिए समय निकालना अपराध जैसा लगता है. ऐसे माहौल में व्यक्ति धीरे-धीरे अपने उस रूप को खो देता है जो कभी आत्मविश्वासी, निडर और खुश हुआ करता था.

वह बताती है कि बहुत से लोग रोज ऑफिस जाते हैं, Target पूरे करते हैं, समय पर काम खत्म करते हैं, लेकिन भीतर ही भीतर अपने पुराने समय को याद करते हैं. वे उस समय को याद करते हैं जब वे बिना दबाव के मुस्कुरा पाते थे, जब आत्मविश्वास स्वाभाविक था और जब जीवन केवल जिम्मेदारियों का बोझ नहीं लगता था.

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वीडियो के अंत में वह एक बेहद महत्वपूर्ण संदेश देती हैअगर आप भी अपनी मानसिक शांति की कीमत पर नौकरी को चुन रहे हैं, तो आप अकेले नहीं हैं. यह व्यक्तिगत असफलता नहीं, बल्कि उस सामाजिक ढांचे का परिणाम है जिसने मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता की सूची में सबसे नीचे रख दिया है. हम एक ऐसी दुनिया में जी रहे हैं जहां काम को पहचान और मूल्य का आधार बना दिया गया है, जबकि भावनात्मक संतुलन और आंतरिक शांति को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है.

यहां देखिए वीडियो

Khabar Monkey
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