
नई दिल्ली: सोने के भाव 2020 के बाद से अब तक 230 फीसदी बढ़ चुके हैं। पूरी दुनिया में केंद्रीय बैंक तेजी से सोना खरीद रहे हैं। कुछ देशों के लिए मौजूदा भू-राजनीतिक टेंशन के बीच सोना रणनीतिक संपत्ति बन चुका है। इसके पीछे मुद्रा में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी डॉलर से इतर दूसरी मुद्राओं में कारोबार भी एक बड़ी वजह बताई जा रही है। मगर, कुछ ऐसे भी देश हैं, जो सोना बेच भी रहे हैं।
15 देशों ने 5 साल में और जोड़ लिए 2,000 टन
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों का हवाला देते हुए वेबसाइट विजुअल कैपिटलिस्ट ने कहा है कि 2020 से अब तक 15 देश ऐसे हैं, जिन्होंने अपने गोल्ड रिजर्व में करीब 2,000 टन सोना और जमा किया है। इसमें चीन ने अपने रिजर्व में सबसे ज्यादा सोना जोड़ा है।
किसने कितनी कर डाली सोने की जमकर खरीद
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2020 से अब तक यानी 5 साल में चीन ने अपने गोल्ड रिजर्व में 357.1 टन सोना जोड़ा है। वहीं, चीन के बाद दूसरे नंबर सोना खरीदने में पोलैंड हैं, जिसने इस दौरान 314.6 टन सोना खरीदा है।
सोना खरीद में तुर्की के बाद है भारत का नंबर
तीसरे नंबर पर 251.8 टन सोने की खरीद के साथ तुर्किए है। जबकि भारत इस दौरान 245.3 टन सोना जोड़ पाया। पांचवें नंबर पर सोना खरीद में ब्राजील है, जिसने अपने गोल्ड रिजर्व में 105.1 टन सोना जोड़ा है।
5 साल में सबसे ज्यादा सोना किसने बेचा
बीते पांच सालों में सोना बेचने में फिलीपींस, कजाकिस्तान, श्रीलंका, जर्मनी और मंगोलिया जैसे देश रहे हैं। फिलीपींस ने इस दौरान 65.2 टन गोल्ड, कजाकिस्तान ने 52.4 टन, श्रीलंका ने 19.1 टन, जर्मनी ने 16.3 टन और मंगोलिया ने 15.9 टन सोना बेचा है।
सोना बेचने में ये देश भी रहे आगे
बीते पांच साल में सोना बेचने में ताजिकिस्तान, यूरो एरिया, कोलंबिया, फिनलैंड, क्यूराकाओ और सेंट मार्टिन, सोलोमन द्वीप, सूरीनाम, माल्टा, इथियोपिया और स्विट्जरलैंड भी आगे रहे हैं।
घरेलू अनिश्चितता और आर्थिक संकट से जूझ रहे देश बेच रहे सोना
अपने गोल्ड रिजर्व में सबसे ज्यादा कमी फिलीपींस, कजाकिस्तान, श्रीलंका जैसे देशों ने की है। ये देश घरेलू अनिश्चितताओं और आर्थिक संतुलन बना पाने में विफल रहने पर सोना बेच रहे हैं।
गोल्ड रिजर्व में अमेरिका-जर्मनी सबसे आगे
ट्रेडिंग इकनॉमिक्टस के अनुसार, गोल्ड रिजर्व की बात करें तो इस मामले में 8,133 टन के साथ अमेरिका नंबर वन पर है। इसके बाद 3,351 टन के साथ जर्मनी दूसरे नंबर पर है।
भारत और चीन का गोल्ड रिजर्व में ये है स्थान
अमेरिका-जर्मनी के बाद 2,451.6 टन के साथ इटली तीसरे, 2.437 टन के साथ फ्रांस चौथे, 2,300 टन के साथ रूस पांचवें, 2,200 टन के साथ चीन छठे, 1,040 टन के साथ स्विट्जरलैंड सातवें, 880 टन के साथ भारत आठवें, 846 टन के साथ जापान नौवें नंबर और 614 टन के साथ तुर्की 10वें नंबर पर हैं।






