
तेजस्वी, राबड़ी और लालू यादव. (फाइल फोटो)
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में लैंड फॉर जॉब घोटाला मामले में लालू यादव और राबड़ी देवी पेश हुए. कोर्ट ने इस दौरान लालू परिवार पर लगे सभी आरोपों की जानकारी दी, जिसे परिवार ने स्वीकार करने से इनकार कर दिया. लालू परिवार ने कहा कि वे मुकदमे का सामना करेंगे. हालांकि स्वास्थ्य कारणों से कोर्ट ने उन्हें व्यक्तिगत पेशी से छूट भी दी है.
राउज एवेन्यू कोर्ट में लालू से पूछा कि क्या आप आरोपों को स्वीकार करते है या मुकदमे का सामना करेंगे? लालू यादव ने आरोप को स्वीकार करने से इंकार किया. उन्होंने कहा कि वो मुकदमा लड़ेंगे.आपको बता दें कि आरोप तय करते वक़्त की यह सामान्य क़ानूनी प्रकिया है. जब कोर्ट औपचारिक रूप से आरोपों की जानकारी देता है और आरोपियों से यह सवाल करता है.
कोर्ट से लालू परिवार को राहत
राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को फिजिकल पेशी से छूट दी है, जब तक कि फिजिकल पेशी का कोई ऑर्डर न हो. मीसा भारती ने कहा कि कोर्ट ने उनकी उम्र और सेहत को देखते हुए उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए पेश होने को कहा है.
क्या है लैंड फॉर जॉब केस?
राबड़ी ने की थी जज बदलने की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने राउज एवेन्यू कोर्ट के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज के सामने एक अर्जी दी थी. इसमें व्यक्तिगत पेशी में छूट की मांग की गई थी. इस मामले में राबड़ी देवी जज विशाल गोगने पर पक्षपात करने के आरोप लगा चुकी है. उस समय उन्होंने जज बदलने की मांग भी की थी.
क्या है लैंड फॉर जॉब वाला मामला?
लैंड फॉर जॉब का यह पूरा मामला साल 2004 से 2009 के बीच का है, उस समय देश के रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव हुआ करते थे. इस मामले में सीबीआई की तरफ से जो कोर्ट में चार्जशी पेश की गई है उसमें आरोप है कि रेलवे में ग्रुप‑D नौकरियां देने के बदले उम्मीदवारों के परिवारों ने जमीन के छोटे‑छोटे प्लॉट लालू परिवार या उनसे जुड़े लोगों के नाम ट्रांसफर किए हैं. इसके साथ ही यह जमीन किसी एक जगह नहीं बल्कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से ली गई, जिसे लालू परिवार के सदस्यों के नाम किया गया.






