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‘प्रतिबंध हटाओ, हम आज कर लेंगे परमाणु समझौता’, ईरान ने दे दिया ऑफर

‘प्रतिबंध हटाओ, हम आज कर लेंगे परमाणु समझौता’, ईरान ने दे दिया ऑफर
‘प्रतिबंध हटाओ, हम आज कर लेंगे परमाणु समझौता’, ईरान ने दे दिया ऑफर

Iran Ready To Compromise With US: अमेरिका-ईरान के बढ़े हुए तनाव के बीच एक ऐसी खबर आई है, जो डोनाल्ड ट्रंप के लिए डील कम और चैलेंज ज्यादा है. दरअसल ईरान के उप विदेश मंत्री मंजीद तख्त रवांची ने अमेरिका के सामने एक शर्त रखी है. उन्होंने कहा है कि अगर अमेरिका प्रतिबंधों में राहत पर बातचीत करने को तैयार हो, तो वह परमाणु समझौते के लिए कुछ समझौते करने पर विचार कर सकता है. मजीद तख्त रवांची ने बीबीसी से कहा कि अब गेंद अमेरिका के पाले में है और अगर अमेरिका ईमानदारी दिखाए, तो समझौते की राह खुल सकती है.

दूसरी ओर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब भी कूटनीतिक समाधान चाहते हैं, लेकिन परमाणु हथियारों से लैस ईरान क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा होगा. रुबियो के बयान ऐसे समय आए हैं जब अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है. खबरों के मुताबिक एक और अमेरिकी विमानवाहक पोत क्षेत्र में तैनात किया जा रहा है.

पहले भी ईरान दे चुका है ट्रंप को डील
ओमान में हुई यह बैठक बातचीत में ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिका की ओर से विशेष दूत स्टीव विटकॉफ शामिल हुए. इसके अलावा ट्रंप के दामाद जारेड कुश्नर भी इस प्रक्रिया का हिस्सा थे. हालांकि बातचीत औपचारिक रूप से परोक्ष थी.

ईरान परमाणु समझौता जुलाई 2015 में संयुक्त व्यापक कार्ययोजना के तहत हुआ था. इस समझौते में ईरान ने यूरेनियम संवर्धन को 3.67 प्रतिशत तक सीमित करने और भंडार को 300 किलोग्राम तक घटाने पर सहमति दी थी लेकिन 2018 में अमेरिका के समझौते से हटने के बाद यह व्यवस्था टूट गई. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच अगली दौर की वार्ता मंगलवार को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में हो सकती है. इसमें अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के शामिल होने की संभावना है. इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ समझौता जरूरी है, वरना हालात बहुत गंभीर हो सकते हैं. उन्होंने हाल ही में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात को सकारात्मक बताया. गौरतलब है कि जून 2025 में अमेरिका ने ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ के तहत ईरान के फोर्दो, नतांज और इस्फहान स्थित परमाणु ठिकानों पर हमला किया था, जिसकी ईरान ने कड़ी निंदा की थी.

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