
महाशिवरात्रि 2026
Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि का पर्व महादेव और माता पार्वती के मिलन की याद में मनाया जाता है. आज देश भर के शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ है. लोग घर पर भी महादेव की साधना में लीन हैं. महाशिवरात्रि पर रात के चारों पहरों में पूजा की जाती है. ऐसे में आज महाशिवरात्रि की साधना और भक्ति की रात है. आज रात भर भक्त शिव साधना में लीन रहेंगे.
महाशिवरात्रि की रात को ‘सिद्धि की रात’ माना जाता है. इस दौरान पूजा के समय की गई आरती से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. घर में सुख-समृद्धि का वास होता है, तो आइए पढ़ते हैं आरती.
भगवान शिव की आरती
ॐ जय शिव ओंकारा, प्रभु जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥
ॐ जय शिव ओंकारा…
एकानन चतुरानन पंचानन राजे।
हंसासन गरुड़ासन वृषवाहन साजे॥
ॐ जय शिव ओंकारा…
दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखते, त्रिभुवन जन मोहे॥
ॐ जय शिव ओंकारा…
अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥
ॐ जय शिव ओंकारा…
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे॥
ॐ जय शिव ओंकारा…
कर के मध्य कमंडलु, चक्र त्रिशूल धर्ता।
जगकर्ता जगभर्ता, जग संहारकर्ता॥
ॐ जय शिव ओंकारा…
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
प्रणवाक्षर के मध्ये ये तीनों एका॥
ॐ जय शिव ओंकारा…
त्रिगुण शिवजी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥
ॐ जय शिव ओंकारा…
मां पार्वती की आरती
जय पार्वती माता, जय पार्वती माता।
ब्रह्मा शिवजी भी करते, नित्य तुम्हारी माता॥
जय पार्वती माता…
अरुंधति, सरस्वती, सावित्री, गौरा मैया,
ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंद माता॥
जय पार्वती माता…
कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री मैया,
नवदुर्गा रूप तेरे, पूजा करे हम सब मैया॥
जय पार्वती माता…
तुम ही अन्नपूर्णा, तुम ही जगजननी मैया,
तुम ही जगदम्बा, तुम ही जग कल्याणी मैया॥
जय पार्वती माता…
तुम ही सर्वेश्वरी, तुम ही वरदानी मैया,
जो कोई तेरी आरती गावे, सो पावे सुख मैया॥
जय पार्वती माता…
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.






