Viral

ये बच्चा तो जीनियस निकला, सिर्फ 12 साल की उम्र में बना दिया न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्टर – Khabar Monkey

ये बच्चा तो जीनियस निकला, सिर्फ 12 साल की उम्र में बना दिया न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्टर – Khabar Monkey
ये बच्चा तो जीनियस निकला, सिर्फ 12 साल की उम्र में बना दिया न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्टर

12 साल के बच्चे ने बना दिया न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्टरImage Credit source: Pixabay (प्रतीकात्मक तस्वीर)

दुनिया में कुछ बच्चे ऐसे हैं, जो असाधारण प्रतिभा के धनी हैं. उन्होंने अपना ऐसा टैलेंट दुनिया को दिखाया है कि हर कोई सोचने पर मजबूर हो गया है. अमेरिका के डलास का रहने वाला एक 12 साल का लड़का भी उन्हीं प्रतिभाशाली बच्चों में से एक है, जिसने अपने टैलेंट से दुनिया को हैरान कर दिया है. दरअसल, इस लड़के ने इसी उम्र में न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्टर बना दिया है और ऐसा करके दुनियाभर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया है. अब वह वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की राह पर है. डलास इंडिपेंडेंट स्कूल डिस्ट्रिक्ट में पढ़ने वाले 7वीं के छात्र एडन मैकमिलन का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो सकता है.

एनबीसी न्यूज के मुताबिक, एडन ने अपने इस खास प्रोजेक्ट की शुरुआत तब की थी जब वो महज 8 साल के थे. डिवाइस बनाने से पहले एडन ने दो साल न्यूक्लियर फिजिक्स (परमाणु भौतिकी) की पढ़ाई करने और फ्यूजन की थ्योरी को समझने में बिताए हैं. इसके बाद ही उन्होंने अपनी मशीन बनाने के लिए सामान इकट्ठा करना शुरू किया और फिर ये दिखा दिया कि वो कितने जीनियस हैं.

ये भी पढ़ें: शख्स ने लॉटरी टिकट पर गंवा दिए 1.18 करोड़, फिर दुकानदार पर ही ठोक दिया मुकदमा

4 साल में बनकर तैयार हुआ न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्टर

एडन ने ये काम वेस्ट डलास में स्थित एक गैर-लाभकारी मेकर्सस्पेस लॉन्चपैड की मदद से किया है, जिसे छात्रों को महत्वाकांक्षी विज्ञान और इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने में मदद करने के लिए डिजाइन किया गया है. एडन ने कहा कि ये प्रक्रिया इतनी आसान नहीं थी. उन्होंने अपने इस अनुभव को संतोषजनक और निराशाजनक दोनों बताया. इस प्रोजेक्ट में कुल चार साल लगे. इसमें बार-बार रुकावटें आईं, सेफ्टी चेक हुए और तब जाकर मशीन बन पाई.

जिज्ञासा ने बना दिया जीनियस

एडन ने बताया कि शुरू में उनकी मां को इसे बनाने में शामिल जोखिमों के बारे में चिंता थी और उन्होंने यह समझने पर जोर दिया कि वास्तव में क्या गलत हो सकता है और उन जोखिमों को कैसे मैनेज किया जाएगा. अंत में एडन को मशीन द्वारा न्यूट्रॉन पैदा करने में सफलता मिली, जिससे न्यूक्लियर फ्यूजन की पुष्टि हुई. एडन ने कहा कि ये पल भावुक कर देने वाला था और एक लंबी यात्रा का अंत था. उनका कहना है कि ये प्रोजेक्ट महत्वाकांक्षा के बजाय जिज्ञासा से प्रेरित थी. उनका मानना ​​है कि ऊर्जा के भविष्य में न्यूक्लियर फ्यूजन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है और एडन के लिए ये उपलब्धि साइंस और इनोवेशन के क्षेत्र में उनके करियर की मात्र शुरुआत हो सकती है.

Khabar Monkey
the authorKhabar Monkey

Leave a Reply