Dr Lal PathLabs: शेयर बाजार में अक्सर ऐसा होता है कि नतीजे उम्मीद से कमजोर रहें तो शेयरों की भारी पिटाई हो जाती है. लेकिन सोमवार, 4 मई का दिन डॉ. लाल पैथ लैब्स (Dr. Lal PathLabs) के निवेशकों के लिए एक बिल्कुल अलग और मुनाफे वाली कहानी लेकर आया. महाराष्ट्र दिवस और वीकेंड की छुट्टियों के बाद जैसे ही बाजार खुला, इस शेयर ने निवेशकों को मालामाल कर दिया. शेयर के भाव में करीब 20 फीसदी का जबरदस्त उछाल देखा गया और बीएसई (BSE) पर यह 1641.70 रुपये के स्तर पर पहुंचकर अपर सर्किट हिट कर गया. हैरानी की बात यह है कि कंपनी का तिमाही मुनाफा घटा है, फिर भी शेयर रॉकेट की तरह भाग रहा है. निवेशक के नजरिए से यह समझना जरूरी है कि आखिर इस तूफानी तेजी के पीछे का असली वजह क्या है.

मुनाफा घटा लेकिन रेवेन्यू में दिखा दम
कंपनी ने 30 अप्रैल को अपने जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित किए थे. अगर बिजनेस के आंकड़ों पर नजर डालें तो ऑपरेशंस से होने वाला कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 16.6 प्रतिशत बढ़कर 702.7 करोड़ रुपये हो गया है. ठीक एक साल पहले इसी अवधि में यह 602.6 करोड़ रुपये था. रेवेन्यू में इस शानदार बढ़त के बावजूद, कंपनी के शुद्ध मुनाफे में 15.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. यह मुनाफा घटकर 131.3 करोड़ रुपये रह गया है, जो पिछले साल मार्च तिमाही में 154.8 करोड़ रुपये था.
मुनाफे में कमी के साथ-साथ कंपनी के मार्जिन पर भी दबाव साफ नजर आया है. मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का मार्जिन 28 प्रतिशत से फिसलकर 26.6 प्रतिशत पर आ गया. वहीं, एबिटा (EBITDA) 11 फीसदी बढ़कर 186.8 करोड़ रुपये रहा. पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो कंपनी ने 504.8 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा और 2762.9 करोड़ रुपये का रेवेन्यू कमाया है. मुनाफा घटने के बाद भी बाजार ने कंपनी की टॉप-लाइन ग्रोथ (रेवेन्यू) को थम्स-अप दिया है.
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कंपनी ने दिया डिविडेंड का तोहफा
शेयर में आई इस बंपर तेजी के पीछे सिर्फ रेवेन्यू के आंकड़े ही नहीं, बल्कि कंपनी के कुछ बड़े रणनीतिक फैसले भी शामिल हैं. कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026 के लिए शेयरधारकों को 4 रुपये प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सौगात दी है. 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले इस शेयर के लिए डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट 26 जून तय की गई है. 25 जुलाई को होने वाली आम बैठक में इसे शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के 30 दिनों के भीतर निवेशकों के खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए जाएंगे.
इसके अलावा कारोबार विस्तार के मोर्चे पर भी एक बड़ी खबर सामने आई है. डॉ. लाल पैथ लैब्स ने शाहबाजकर डायग्नोस्टिक सेंटर प्राइवेट लिमिटेड (SDCPL) की 100 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण पूरा कर लिया है. इसके साथ ही अब SDCPL पूरी तरह से डॉ. लाल पैथ लैब्स के मालिकाना हक वाली कंपनी बन गई है. वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कंपनी ने अपनी पैठ मजबूत करते हुए दुबई में एक नई सब्सिडियरी शुरू की है.
क्या कहते हैं मार्केट एक्सपर्ट्स?
सोमवार को आई इस 20 फीसदी की तेजी के बाद डॉ. लाल पैथ लैब्स का मार्केट कैप बढ़कर 26,200 करोड़ रुपये के पार निकल गया है. मार्च 2026 के अंत तक कंपनी में प्रमोटर्स की 53.21 प्रतिशत हिस्सेदारी बनी हुई थी. बाजार के दिग्गज ब्रोकरेज हाउस भी इस हेल्थकेयर स्टॉक को लेकर खासे बुलिश नजर आ रहे हैं.
एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज (Emkay Global) ने इस शेयर को ‘बाय’ (खरीदें) रेटिंग देते हुए 1740 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है. वहीं, नोमुरा (Nomura) ने भी खरीदारी की सलाह बरकरार रखी है और अपना लक्ष्य 1,800 रुपये से बढ़ाकर 1,860 रुपये कर दिया है. जेएम फाइनेंशियल (JM Financial) ने भी इस शेयर पर ‘बाय’ रेटिंग दी है, हालांकि उन्होंने अपने टारगेट प्राइस को मामूली रूप से एडजस्ट करते हुए 2,075 रुपये से घटाकर 2,072 रुपये किया है. कुल मिलाकर, बड़े निवेशकों और ब्रोकरेज फर्म्स को डॉ. लाल पैथ लैब्स की लंबी अवधि की ग्रोथ स्टोरी पर पूरा भरोसा है.




