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Phalgun Amavasya 2026: पितृ दोष से मुक्ति पाने का सुनहरा मौका, इस विधि से करें तर्पण और दान

Phalgun Amavasya 2026: पितृ दोष से मुक्ति पाने का सुनहरा मौका, इस विधि से करें तर्पण और दान
Phalgun Amavasya 2026: पितृ दोष से मुक्ति पाने का सुनहरा मौका, इस विधि से करें तर्पण और दान

फाल्गुन अमावस्या 2026Image Credit source: PTI

Bhaumvati Amavasya 2026: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि को पितरों की पूजा और तर्पण के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. पंचांग के अनुसार, साल 2026 में फाल्गुन अमावस्या 17 फरवरी, मंगलवार को पड़ रही है. मंगलवार को पड़ने के कारण इस अमावस्या को भौमवती अमावस्या भी कहा जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पितरों के लिए विधि-विधान से तर्पण और पूजा करने से पितृ दोष से मुक्ति मिल सकती है और जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग खुलता है.

क्यों खास है इस बार की फाल्गुन अमावस्या?

पंचांग के अनुसार, जब अमावस्या मंगलवार को आती है, तो उसे भौमवती अमावस्या कहते हैं. मंगल ग्रह को ऋणहर्ता माना जाता है, इसलिए इस दिन पूजा-पाठ करने से कर्ज से मुक्ति मिलती है और पितृ प्रसन्न होकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं.

पितृ दोष मुक्ति के लिए तर्पण की सरल विधि

अगर आप पितृ दोष से परेशान हैं या जीवन में उन्नति रुकी हुई है, तो इस अमावस्या पर नीचे दी गई विधि से तर्पण जरूर करें.

ब्रह्म मुहूर्त में स्नान: सुबह जल्दी उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करें. यदि संभव न हो, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करें.

अर्ध्य दें: स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, लाल फूल और काला तिल मिलाकर सूर्य देव को अर्ध्य दें.

तर्पण की विधि: दक्षिण दिशा की ओर मुख करके बैठ जाएं. हाथ में जल, कुश, अक्षत और काला तिल लेकर अपने पूर्वजों का स्मरण करते हुए जल अंजलि (हथेलियों से जल गिराना) दें.

पीपल पूजन: अमावस्या पर पीपल के पेड़ में देवताओं और पितरों का वास माना जाता है. पीपल की जड़ में जल अर्पित करें और सरसों के तेल का दीपक जलाएं.

पंचबलि भोग: भोजन बनाने के बाद उसका एक हिस्सा गाय, कुत्ते, कौए, देव और चींटियों के लिए जरूर निकालें. मान्यता है कि इनके माध्यम से भोजन पितरों तक पहुंचता है.

भौमवती अमावस्या पर करें ये अचूक उपाय

दान का महत्व: इस दिन काले तिल, गरम कपड़े, अन्न और गुड़ का दान करना बहुत ही फलदायी होता है.

कर्ज मुक्ति के लिए: चूंकि यह भौमवती अमावस्या है, इसलिए इस दिन मंगल देव के मंत्रों का जाप या सुंदरकांड का पाठ करने से पुराने कर्ज से छुटकारा मिल सकता है.

दीप दान: शाम के समय दक्षिण दिशा में एक दीपक पितरों के नाम से जरूर जलाएं.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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