बर्कले में कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में मास्टर डिग्री करने गए 22 साल के भारतीय छात्र साकेत श्रीनिवासैया का छह दिनों तक लापता रहने के बाद शव बरामद हुआ है. छात्र का शव मिलने से भारतीय समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है. सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय दूतावास ने शव मिलने की जानकारी देते हुए परिवार को संवेदना व्यक्त की है और पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत भिजवाने का आश्वासन दिया है.
साकेत 9 फरवरी को लापता हो गए थे, उन्हें आखिरी बार परिसर से लगभग एक किलोमीटर दूर देखा गया था उनके गायब होने के बाद झील अंजा और बर्कले हिल्स क्षेत्रों में एक बड़ा तलाश अभियान चलाया गया. पुलिस को टिल्डन रीजनल पार्क के पास एक आवासीय क्षेत्र से उनका बैग बरामद हुआ, जिसमें उनका पासपोर्ट और लैपटॉप था. इसके बाद पुलिस ने शव को ढूंढ निकाला.
पढ़ाई में बहुत प्रभावशाली थे श्रीनिवासैया
मूल रूप से कर्नाटक के रहने वाले साकेत एक प्रतिभाशाली छात्र थे. उन्होंने IIT मद्रास से केमिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन की. इसके बाद वह अगस्त 2025 से मई 2026 तक चलने वाले प्रोडक्ट डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत यूसी बर्कले के केमिकल एंड बायोमोलिक्यूलर इंजीनियरिंग विभाग में मास्टर ऑफ साइंस कर रहे थे.
साकेत को डीप-टेक इनोवेशन में गहरी रुचि थी, खास तौर से सॉफ्ट मटेरियल, सेमीकंडक्टर और एडवांस्ड मटेरियल में. IIT मद्रास में पॉलिमर इंजीनियरिंग लैब में उन्होंने अंडरग्रेजुएट रिसर्चर और यंग रिसर्च फेलो के रूप में लगभग दो सालों तक काम किया. उन्होंने यूनिलीवर में भी यंग रिसर्च फेलो के रूप में कार्य किया और डॉ. रेड्डीज लैबोरेटोरिज हैदराबाद में रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंटर्न के रूप में अनुभव अर्जित किया.
शिक्षा के अलावा दूसरी चीजों में भी थे एक्टिव
शिक्षा के अलावा साकेत IIT मद्रास में छात्र पहलों में सक्रिय रूप से शामिल थे. ई-सेल आईआईटी मद्रास के तहत उन्होंने ग्रोथ एंड स्ट्रैटेजिक इनिशिएटिव्स के प्रमुख और डेवलपमेंट एंड एसोसिएशन के कार्यकारी जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया. वह केमिकल इंजीनियरिंग विभाग में विधायक के रूप में भी कार्यरत रहे.
भारतीय वाणिज्य दूतावास ने दुख व्यक्त करते हुए कहा, “हम इस अत्यंत कठिन समय में उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं.”






