
प्रेगनेंसी Image Credit source: Getty Images
35 की उम्र के बाद महिला शरीर में कई तरह के हॉर्मोनल और शारीरिक बदलाव होने लगते हैं. इस उम्र में एग क्वॉलिटी में कमी, हॉर्मोन असंतुलन, थायरॉइड, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है. साथ ही गर्भधारण में समय लगना, मिसकैरेज और प्रेगनेंसी कॉम्प्लिकेशन का जोखिम भी पहले की तुलना में अधिक हो जाता है. उम्र बढ़ने के साथ शरीर की रिकवरी क्षमता भी थोड़ी कम हो जाती है, जिसका असर मां और होने वाले बच्चे की सेहत पर पड़ सकता है. इसलिए 35 के बाद प्रेगनेंसी प्लान करते समय शरीर की पूरी जांच और तैयारी जरूरी होती है.
ऐसे में सही समय पर डॉक्टर से सलाह लेना और जरूरी मेडिकल टेस्ट कराना बेहद अहम माना जाता है, ताकि किसी भी कमी या जोखिम का पहले ही पता चल सके. इससे प्रेगनेंसी के दौरान आने वाली दिक्कतों को काफी हद तक कम किया जा सकता है. आइए जानते हैं कि 35 की उम्र के बाद गर्भधारण से पहले कौन से टेस्ट कराना जरूरी है.
ये 3 टेस्ट जरूर कराएं
आरएमएल हॉस्पिटल में महिला रोग विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सलोनी चड्ढा बताती हैं कि 35 के बाद प्रेगनेंसी प्लान करने से पहले कुछ जरूरी जांच कराना फायदेमंद होता है. पहला, ब्लड शुगर टेस्ट, जिससे डायबिटीज की स्थिति का पता चलता है, क्योंकि गर्भावस्था में शुगर लेवल का असंतुलन मां और बच्चे दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. दूसरा, थायरॉइड टेस्ट, क्योंकि थायरॉइड हॉर्मोन गर्भधारण और बच्चे के विकास में अहम भूमिका निभाता है.
तीसरा, हीमोग्लोबिन या कंप्लीट ब्लड काउंट टेस्ट, जिससे शरीर में खून की कमी और संक्रमण की जानकारी मिलती है. इन टेस्ट के जरिए डॉक्टर यह समझ पाते हैं कि शरीर प्रेगनेंसी के लिए कितना तैयार है और किसी भी संभावित समस्या का समय रहते इलाज किया जा सकता है.
प्रेगनेंसी से पहले लाइफस्टाइल में कौन से बदलाव जरूरी?
35 के बाद प्रेगनेंसी के लिए लाइफस्टाइल सुधारना बेहद जरूरी होता है. संतुलित और पोषक डाइट लें, जिसमें आयरन, कैल्शियम और फोलिक एसिड शामिल हों. नियमित हल्की एक्सरसाइज या योग करें, ताकि शरीर फिट रहे.
पूरी नींद लें और तनाव से बचने की कोशिश करें. धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं. वजन को संतुलित रखें और किसी भी दवा का सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करें.
ये भी जानें
नियमित हेल्थ चेकअप कराएं.
समय पर डॉक्टर से सलाह लें.
फोलिक एसिड सप्लीमेंट शुरू करें.
किसी पुरानी बीमारी को नजरअंदाज न करें.
पॉजिटिव सोच बनाए रखें.






