
आरोपी महिला को पुलिस ने गिरफ्तार किया
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में हनीट्रैप के जरिए 10 लाख रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है. पुलिस ने झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर पैसे वसूलने के आरोप में एक महिला को गिरफ्तार किया है. मामले में दो अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है, जिनकी जांच अभी जारी है. पुलिस के मुताबिक, इंदिरा नगर निवासी एक युवक ने शिकायत दी कि पूजा शर्मा नाम की महिला से उसकी पहचान हुई थी.
धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बातचीत का सिलसिला चलने लगा. आरोप है कि महिला ने इस रिश्ते का फायदा उठाकर युवक पर दबाव बनाना शुरू कर दिया. कुछ समय बाद महिला ने युवक को दुष्कर्म जैसे गंभीर केस में फंसाने की धमकी दी और पैसों की मांग करने लगी. पीड़ित का आरोप है कि डर और बदनामी के डर से उसने महिला को 10 लाख रुपये दे दिए. इसके बाद भी महिला नहीं रुकी और उसने 12 लाख रुपये और मांगे.
37 वर्षीय महिला अरेस्ट
जब युवक ने पैसे देने से मना किया तो उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई. परेशान होकर युवक ने पुलिस से शिकायत की. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. जांच के दौरान सबूत मिलने पर पुलिस ने आज 37 वर्षीय आरोपी महिला को वीर सावरकर नगर, जो इज्जतनगर थाना क्षेत्र में पड़ता है, वहां से गिरफ्तार किया. उसके पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है, जिसमें कई अहम जानकारियां होने की बात कही जा रही हैं.
‘आय का नहीं था साधन, इसलिए…’
पूछताछ में महिला ने बताया कि उसका अपने पति से विवाद चल रहा है और वह अपनी दो बेटियों के साथ अलग रह रही थी. आय का कोई स्थायी साधन नहीं होने के कारण आर्थिक परेशानी थी. युवक से मुलाकात के बाद उसे खर्च के लिए पैसे मिलने लगे. इसी लालच में उसने झूठी शिकायत करने और समझौते के नाम पर पैसे लेने की योजना बनाई. पहले 10 लाख रुपये लिए और बाद में 12 लाख रुपये और मांगने लगी थी.
तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
सीओ सिटी आशुतोष शिवम ने बताया कि महिला समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. साथ ही अन्य आरोपियों की भूमिका की भी गहराई से जांच की जा रही है. पुलिस टीम में इंस्पेक्टर क्राइम प्रमोद कुमार, सब इंस्पेक्टर मोहम्मद सरताज, कांस्टेबल अनुराग, महिला कांस्टेबल एकता और अर्चना शामिल रहे.
अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि कोई भी व्यक्ति झूठे आरोप लगाकर ब्लैकमेलिंग न कर सके. फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और उम्मीद जताई जा रही है कि मामले में और खुलासे हो सकते हैं.






