
स्पर्म क्वॉलिटी Image Credit source: Getty Images
आज की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में पुरुषों की सेहत पर कई आदतों का गहरा असर पड़ रहा है, जिसका सीधा प्रभाव स्पर्म क्वॉलिटी पर भी देखा जा रहा है. हेल्दी स्पर्म क्वॉलिटी पुरुषों की रिप्रोडक्टिव हेल्थ के लिए बेहद जरूरी होती है. अच्छी स्पर्म क्वॉलिटी का मतलब है पर्याप्त संख्या, सही आकार और बेहतर मूवमेंट, जिससे गर्भधारण की संभावना बढ़ती है. अगर स्पर्म कमजोर हों, तो गर्भधारण में परेशानी आ सकती है. इसके अलावा खराब स्पर्म क्वॉलिटी हॉर्मोनल असंतुलन, थकान और मानसिक तनाव का संकेत भी हो सकती है.
आजकल गलत खानपान, बढ़ता तनाव और अनियमित दिनचर्या शरीर के अंदर कई बदलाव लाती है, जो धीरे-धीरे रिप्रोडक्टिव हेल्थ को प्रभावित करती है. इसलिए समय रहते स्पर्म हेल्थ पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है. सही जानकारी और जागरूकता से इस समस्या को काफी हद तक संभाला जा सकता है. आइए जानते हैं कि कौन सी आदतें स्पर्म क्वॉलिटी खराब करती हैं.
कौन सी आदतें स्पर्म क्वॉलिटी खराब करती हैं?
आरएमएल हॉस्पिटल में मेडिसिन विभाग में डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरि बताते हैं कि कुछ रोजमर्रा की आदतें स्पर्म क्वॉलिटी को धीरे-धीरे कमजोर कर देती हैं. धूम्रपान और शराब का सेवन स्पर्म काउंट और उनकी एक्टिविटी को कम कर सकता है. लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप को गोद में रखकर इस्तेमाल करना भी नुकसानदायक माना जाता है. ज्यादा तनाव लेने से हॉर्मोनल बैलेंस बिगड़ सकता है, जिससे स्पर्म प्रोडक्शन प्रभावित होता है.
नींद पूरी न होना और देर रात तक जागना भी रिप्रोडक्टिव हेल्थ पर असर डालता है. लगातार जंक फूड और पोषण की कमी वाला भोजन शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं दे पाता. इसके अलावा शारीरिक एक्टिविटी की कमी और लंबे समय तक बैठकर काम करना भी स्पर्म हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकता है. ये आदतें धीरे-धीरे गंभीर समस्या का रूप ले सकती हैं.
स्पर्म क्वालिटी में सुधार के लिए क्या करें?
स्पर्म क्वॉलिटी सुधारने के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव जरूरी है. संतुलित डाइट लें, जिसमें फल, सब्जियां और प्रोटीन शामिल हों. रोज हल्की एक्सरसाइज या योग करें. पूरी नींद लें और तनाव कम करने की कोशिश करें. पानी भरपूर पिएं और नशे से दूरी बनाएं. जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें.
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स्पर्म हेल्थ को बेहतर बनाए रखने के लिए नियमित हेल्थ चेकअप भी जरूरी है. वजन को कंट्रोल रखें और शरीर को जरूरत से ज्यादा गर्मी से बचाएं. टाइट कपड़े पहनने से बचें और साफ-सुथरी दिनचर्या अपनाएं. पॉजिटिव सोच और धैर्य भी रिप्रोडक्टिव हेल्थ के लिए अहम भूमिका निभाते हैं.






