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बार-बार एंटीबायोटिक लेने से गट हेल्थ पर क्या असर पड़ता है?

बार-बार एंटीबायोटिक लेने से गट हेल्थ पर क्या असर पड़ता है?
बार-बार एंटीबायोटिक लेने से गट हेल्थ पर क्या असर पड़ता है?

एंटीबायोटिक और गट हेल्थ Image Credit source: Getty Images

आजकल छोटी-सी परेशानी में भी एंटीबायोटिक दवाएं लेने का चलन तेजी से बढ़ा है. एंटीबायोटिक ऐसी दवाएं होती हैं, जो शरीर में बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण को ठीक करने के लिए दी जाती हैं. सर्दी-जुकाम, बुखार या गले में दर्द जैसी समस्याओं में कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के भी इन्हें लेने लगते हैं. वहीं गट हेल्थ का मतलब है हमारी आंतों की सेहत, जहां करोड़ों अच्छे बैक्टीरिया मौजूद रहते हैं. ये बैक्टीरिया भोजन पचाने, पोषक तत्वों को शरीर तक पहुंचाने और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं.

एंटीबायोटिक और गट हेल्थ का आपस में गहरा संबंध है, क्योंकि दवा लेने के बाद उसका असर सिर्फ बीमारी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पाचन तंत्र तक भी पहुंच सकता है. यही कारण है कि एंटीबायोटिक लेने पर गट हेल्थ प्रभावित हो सकती है. इसलिए इन दवाओं का इस्तेमाल समझदारी से और सही सलाह के साथ करना जरूरी माना जाता है, ताकि शरीर का प्राकृतिक संतुलन बना रहे. आइए जानते हैं कि एंटीबायोटिक का गट हेल्थ पर क्या असर हो सकता है.

बार-बार एंटीबायोटिक लेने से गट हेल्थ पर क्या असर होता है?

आरएमएल हॉस्पिटल में मेडिसिन विभाग में डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरि बताते हैं कि बार-बार एंटीबायोटिक लेने से आंतों में मौजूद अच्छे और बुरे बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ सकता है. इससे पाचन प्रक्रिया प्रभावित होती है और माइक्रोबायोम असंतुलित हो सकता है. अच्छे बैक्टीरिया की कमी से शरीर की इम्यूनिटी भी कमजोर पड़ सकती है. कुछ मामलों में दस्त, गैस, पेट दर्द या सूजन जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं.

लंबे समय तक एंटीबायोटिक का अधिक उपयोग करने से आंतों का कामकाज धीमी हो सकता है और शरीर जरूरी पोषक तत्वों को सही ढंग से एब्जॉर्ब नहीं कर पाता. इससे कमजोरी और बार-बार संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है.

एंटीबायोटिक से गट हेल्थ को नुकसान होने के लक्षण क्या हैं?

अगर एंटीबायोटिक लेने के बाद पेट में गड़बड़ी, बार-बार दस्त, गैस बनना, पेट फूलना या मितली महसूस हो, तो यह गट हेल्थ प्रभावित होने का संकेत हो सकता है. कुछ लोगों को भूख कम लगना, थकान या बार-बार संक्रमण होना भी महसूस हो सकता है.

क्या करें?

एंटीबायोटिक केवल डॉक्टर की सलाह से ही लें और पूरा कोर्स पूरा करें. दवा के दौरान और बाद में संतुलित आहार लें, जिसमें दही, छाछ और फाइबर युक्त भोजन शामिल हो. पर्याप्त पानी पिएं और अनावश्यक दवा लेने से बचें. जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें.

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