
डेवलपर्स के लिए टूल बनाने वाली कंपनी StackBlitz ने बड़ा ऐलान किया है. कंपनी ने कहा है कि वह इस साल इंसानों से ज्यादा AI एजेंट्स को काम पर रखेगी. यानी कंपनी की ग्रोथ अब मानव कर्मचारियों से नहीं बल्कि डिजिटल वर्कर्स से होगी. कंपनी के सीईओ का कहना है कि AI एजेंट अब सिर्फ कोडिंग हेल्पर नहीं रहे, बल्कि बिजनेस के एक्टिव योगदानकर्ता बन रहे हैं. यह ट्रेंड आने वाले समय में पूरी सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री की हायरिंग सोच बदल सकता है. इससे जॉब मार्केट पर भी गहरा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है.
StackBlitz के सीईओ एरिक सिमंस ने साफ कहा है कि कंपनी अब पारंपरिक तरीके से टीम नहीं बढ़ाएगी. इंजीनियर, सेल्स और सपोर्ट स्टाफ जोड़ने के बजाय AI सॉफ्टवेयर एजेंट्स की संख्या बढ़ाई जाएगी. ये एजेंट एक साथ कई काम संभाल सकते हैं और टाइम जोन या काम के घंटों की सीमा में बंधे नहीं होते. कंपनी का मानना है कि डिजिटल एजेंट्स ऑपरेशन को ज्यादा स्केलेबल और तेज बनाते हैं. यह मॉडल लागत घटाने और स्पीड बढ़ाने दोनों में मदद कर सकता है.
AI एजेंट सिर्फ कोड नहीं, फैसले भी लेंगे
एरिक सिमंस के मुताबिक AI एजेंट भविष्य में यूजर की तरफ से दूसरे एजेंट्स से बात करेंगे. वे कीमतों पर बातचीत, बुकिंग चेक करना और ऑनलाइन राय बनाना जैसे काम भी कर सकेंगे. उनका कहना है कि लोग अपने AI एजेंट की सलाह पर खरीद, रिजर्व और फैसले लेने लगेंगे. यह AI को एक पर्सनल डिजिटल प्रतिनिधि के रूप में स्थापित करता है. यानी AI एजेंट यूजर का एक्सटेंशन बनकर काम करेंगे, सिर्फ टूल नहीं रहेंगे.
AI एजेंट इकोसिस्टम के शुरुआती संकेत
इस दिशा में शुरुआती उदाहरण भी सामने आ चुके हैं, जैसे ओपनक्लॉ नाम का ओपन सोर्स AI असिस्टेंट. यह व्हाट्सएप, स्लैक और आईमैसेज जैसे प्लेटफॉर्म के भीतर काम कर सकता है और सीमित मानव हस्तक्षेप के साथ एजेंट्स को आपस में समन्वय करने देता है. सिमंस ने सॉफ्टवेयर और SaaS शेयरों में हाल की गिरावट को भी इससे जोड़ा है. उनका मानना है कि जब AI हजारों गुना तेजी से सॉफ्टवेयर बना और बदल सकता है, तो पारंपरिक एक्सपर्ट आधारित मॉडल दबाव में आएंगे. अगर यह प्रयोग सफल रहा, तो कई टेक कंपनियां इसी रास्ते पर चल सकती हैं.






