
महाशिवरात्रि 2026
Mahashivratri Puja Benefits: महाशिवरात्रि का पावन पर्व शिव और शक्ति के अटूट मिलन का उत्सव है, जो वैवाहिक बाधाओं को दूर करने के लिए विशेष रूप से प्रभावशाली माना जाता है. साल 2026 में महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी, जिसकी चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी को शाम 05:04 बजे से प्रारंभ होकर 16 फरवरी को शाम 05:34 बजे समाप्त होगी. ज्योतिषीय दृष्टिकोण से इस पावन रात की ग्रहों की स्थिति भावनात्मक संतुलन और रिश्तों में स्पष्टता लाने में अत्यंत सहायक होती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवसर पर की गई पूजा-अर्चना से कर्मों की शुद्धि होती है. यदि आपके विवाह में देरी हो रही है तो इस महापर्व पर किए गए सरल उपाय जीवन में खुशाली ला सकते हैं.
विवाह मार्ग की बाधाओं को समाप्त करने के लिए महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और मां पार्वती की संयुक्त रूप से पूजा करना सर्वोत्तम माना गया है. शास्त्रों के अनुसार, इस दिन महादेव का अभिषेक करने से रिश्तों में आ रही कड़वाहट दूर होती है और विवाह के शुभ योग बनने लगते हैं. जो जातक विवाह के लिए योग्य साथी की तलाश में हैं, उनके लिए 15 फरवरी की रात को की गई साधना विशेष फलदायी रह सकती है. यह समय आपसी विश्वास को मजबूत करने और परिवार में सुख-शांति बनाए रखने के लिए बहुत अनुकूल होता है. सच्ची श्रद्धा और पूर्ण निष्ठा के साथ किया गया व्रत मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति के मार्ग को सुगम बनाने में सहायता करता है.
महाशिवरात्रि वैवाहिक सुख के लिए प्रभावशाली अभिषेक
धार्मिक परंपराओं में महादेव का विभिन्न सामग्रियों से अभिषेक करने का गहरा आध्यात्मिक महत्व बताया गया है. विवाह में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए शिवलिंग पर कच्चे दूध या शहद से अभिषेक करना अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है. इसके साथ ही महादेव को शुद्ध जल या गंगाजल अर्पित करना आपके मन को शांति प्रदान करता है और मानसिक तनाव को कम करता है. अभिषेक करते समय मन में सकारात्मक भाव रखना आवश्यक है, क्योंकि निस्वार्थ भाव से की गई छोटी सी प्रार्थना भी महादेव की कृपा दिला सकती है. यह क्रिया आपके जीवन के नकारात्मक प्रभावों को समाप्त कर सकारात्मक ऊर्जा का संचालन करती है.
महाशिवरात्रि पर दान और सेवा भाव से बाधाओं का निवारण
महाशिवरात्रि के अवसर पर दान-पुण्य करना विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करने की एक महत्वपूर्ण माना जाता है. इस पावन दिन पर विवाहित महिलाओं को सुहाग की सामग्री जैसे लाल चुनरी, चूड़ियां और सिंदूर का दान करना वैवाहिक जीवन में मधुरता लाता है. इसके अतिरिक्त, किसी जरूरतमंद व्यक्ति को सफेद वस्त्र, चावल या चीनी भेंट करने से चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है, जो भावनाओं के सही संचालन में सहायक है. गरीबों को भोजन कराना या पक्षियों को दाना खिलाना भी आपके पुण्य फलों में वृद्धि करता है.
महाशिवरात्रि पर मंत्र जप और संकल्प का सकारात्मक प्रभाव
आध्यात्मिक ऊर्जा को सक्रिय करने के लिए महाशिवरात्रि की रात को मंत्रों का जप करना बहुत प्रभावशाली माना जाता है. “ओम नमः शिवाय” या महामृत्युंजय मंत्र का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से मन की एकाग्रता बढ़ती है और भविष्य के प्रति स्पष्टता आती है. पूजा के दौरान घी का दीपक जलाकर महादेव के सामने अपनी समस्याओं के निवारण का संकल्प लें. इस पावन अवसर पर मंदिर में जाकर गुप्त दान करना भी फलदायी होता है, जिससे रुके हुए कार्यों में गति मिलती है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है.
ये भी पढ़ें- 15 या 16 फरवरी कब है महाशिवरात्रि का महापर्व? जान लें सही डेट, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी मान्यताओं और शास्त्रों पर आधारित है. TV9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है. किसी भी प्रकार के सुझाव के लिए astropatri.comपर संपर्क करें.






