
सीबीएसई ने वेबीनार का आयोजन किया
CBSE Board Exam 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) 10वीं और 12वीं बोर्ड एग्जाम शुरू होने वाले हैं. इससे पूर्व ही सीबीएसई ने एक बड़े फैसला लिया है, जिसके तहत 12वीं बोर्ड एग्जाम की काॅपियां डिजिटल स्क्रीन पर चेक होंगी. इस फैसले के सार्वजनिक हो जाने के बाद से स्टूडेंट्स और पैरेंट्स के मन में कई तरह के सवाल और शंकाएं हैं. इसको लेकर सीबीएसई की तरफ से एक वेबिनार का आयोजन किया, जिसमें सीबीएसई के एग्जाम कंट्रोलर संयम भारद्वाज ने कई महत्वपूर्ण जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि डिजिटल स्क्रीन पर काॅपिया चेक होने से इंटरनेशन एग्जामिनर भी कापियां चेक कर सकेंगे.
आइए जानते हैं कि सीबीएसई कैसे 12वीं बोर्ड एग्जाम की कॉपियां कैसे डिजिटल स्क्रीन पर चेक होंगी? जानेंगे कि किन स्थितियों में स्टूडेंट्स को एग्जामिनेशन सेंटर में अतिरिक्त समय मिलेगा? आइए सीबीएसई की तरफ से बोर्ड एग्जाम से जुड़ी जानकारियों के बारे में जानते हैं.
1,00,44,295 कापियां डिजिटल स्क्रीन में चेक होंगी
सीबीएसई के एग्जाम कंट्रोलर संयम भारद्वाज ने वेबीनार में बोर्ड एग्जाम से जुड़े अहम आंकड़े साझा किए. उन्होंने बताया कि लगभग 18,59,479 स्टूडेंट्स 12वीं का एग्जाम देने जा रहे हैं. 12वीं में कुल 120 विषयों के एग्जाम आयोजित किए जाएंगे, जिनकी लगभग 1,00,44,295 कॉपियां होंगी, जो डिजिटल स्क्रीन पर चेक होंगी.
कॉपियां ऐसे डिजिटल स्क्रीन पर चेक होंगी
12वीं बोर्ड एग्जाम की काॅपियों का मूल्यांकन यानी चेक कैसे होंगी? सीबीएसई के एग्जाम कंट्रोलर संयम भारद्वाज ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि काॅपियों को डिजिटल स्कैन कर उन्हें ऑन स्क्रीन ही चेक किया जाएगा. उन्होंने स्टूडेंट्स को एडवाइज करते हुए कहा कि कई बार स्टूडेंट्स कापियों के बीच में मैप यानी नक्शे की कॉपी जोड़ देते हैं, जिससे डिजिटल स्कैनिंग और ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन की प्रक्रिया धीमी हो सकती है. उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि दिए गए कि मैप या अतिरिक्त शीट को उत्तर के बीच में न जोड़ा जाए. मैप की कॉपी उत्तर पुस्तिका के अंत में, ब्लैंक पेज के बीच में ही लगाई जाए. इससे स्कैनिंग और डिजिटल मूल्यांकन सुचारु व तेज रहेगा.
फायदेमंंद है डिजिटल मार्किंग
सीबीएसई के एग्जाम कंट्रोलर संयम भारद्वाज ने वेबीनार में बताया कि ऑनलाइन मार्किंग सिस्टम से कॉपियों के ट्रांसपोर्टेशन का खर्च कम होगा. तो वहीं मूल्यांकन समय पर पूरा हो सकेगा. इससे मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी.
इंटरनेशनल एग्जामनिर करेंगे कापियां चेक
उन्होंने बताया कि जापान से लेकर घाना तक के अंतरराष्ट्रीय परीक्षक भी डिजिटल माध्यम से मूल्यांकन में जुड़ सकेंगे. सीबीएसई का उद्देश्य सिर्फ परीक्षा आयोजित करना नहीं, बल्कि सुरक्षित, सुव्यवस्थित और छात्र-हितैषी माहौल तैयार करना है. ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से मूल्यांकन प्रक्रिया तेज, आधुनिक और अधिक विश्वसनीय बनने की उम्मीद जताई गई है.
बम जैसा थ्रेट तो अतिरिक्त समय
सीबीएसई के एग्जाम कंट्रोलर संयम भारद्वाज ने वेबीनार में जानकारी देते हुए बताया कि एग्जाम के दौरान अगर बम थ्रेट जैसी स्थिति बनती है, तो स्टूडेंट्स के एग्जाम टाइम की भरपाई के लिए उन्हें अतिरिक्त समय दिया जाएगा.
CCTV से होगी निगरानी
सीबीएसई के एग्जाम कंट्रोलर संयम भारद्वाज ने बताया कि बोर्ड एग्जाम के लिए परीक्षा केंद्रों को सख्त निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी का चालू रहना अनिवार्य है. कैमरे बंद पाए जाने पर कार्रवाई की जा सकती है. साथ ही ये निर्देश भी दिए गए परीक्षा केंद्र में किसी भी छात्र के पास मोबाइल फोन न हो. अभिभावक सुनिश्चित करें कि छात्र समय पर केंद्र पहुंचे.
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