
केंद्रीय उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी Image Credit source: Social Media
AI in Education: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर भारत समेत दुनियाभर में उत्सुकता और डर का माहौल है. माना जा रहा है कि AI कई सेक्टर में व्यापक बदलाव लाएगा. AI से एजुकेशन सेक्टर में आने वाले बदलाव को लेकर देश-दुनिया में लंबे समय से चर्चाएं हो रही हैं. इस बीच भारत विश्व स्तरीय AI काॅन्फ्रेंस की मेजबानी करने जा रहा है. इससे पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की तरफ से दो दिवसीय भारत बोधन प्री समिट का आयोजन किया गया, जिसमें 1000 से अधिक एजुकेशन इंस्टीट्यूट शामिल हुए. इस समिट में केंद्रीय उच्च शिक्षा मंत्री विनीत जोशी ने TV9 भारतवर्ष से विशेष बातचीत में AI के माध्यम से एजुकेशन सिस्टम में आने वाले बदलावों पर विस्तृत चर्चा की.
आइए जानते हैं कि AI के माध्यम से एजुकेशन सिस्टम में आने वाले बदलावों को लेकर केंद्रीय उच्च शिक्षा मंत्री विनीत जोशी ने क्या कहा? जानेंगे कि AI कैसे मैकाले एजुकेशन सिस्टम को खत्म करने वाला है?
हायर एजुकेशन में AI का बड़ा रोल
Tv9 भारतवर्ष से विशेष बातचीत में उच्च शिक्षा मंत्री विनीत जोशी ने बताया कि आने वाले समय में AI का उपयोग सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पढ़ाने के तरीके में सुधार, रिसर्च व रिसर्च एक्सटेंशन, इनोवेशन और स्टार्टअप इंडस्ट्री-एकेडमिक सहयोग जैसे कई क्षेत्रों में AI से बड़ा बदलाव आएगा. उन्होंने कहा कि AI के जरिए स्टूडेंट्स किसी भी विषय को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे और उसे वास्तविक जीवन में लागू करना आसान होगा.
AI से खत्म होगा मैकाले सिस्टम
Tv9 भारतवर्ष से विशेष बातचीत में उच्च शिक्षा मंत्री विनीत जोशी ने कहा कि भारत का एजुकेशन सिस्टम आज भी बहुत हद तक मैकाले एजुकेशन सिस्टम से जुड़ा हुआ है. AI के आने से मैकाले एजुकेशन सिस्टम को पूरी तरीके से खत्म कर दिया जाएगा और उसके लिए बड़े स्तर पर तैयारी की जा रही है.
बोधन ऐप स्टूडेंट्स को कराएगा आत्मसात
AI के माध्यम से मैकाले एजुकेशन सिस्टम को खत्म करने की तैयारी पर विस्तार से जानकारी देते हुए विनीत जोशी ने कहा कि मैकाले एजुकेशन सिस्टम रटने पर आधारित है. वहीं पहले भारतीय शिक्षा व्यवस्था सवाल-जवाब आधारित थी. उन्होंने कहा कि इस बात को ध्यान में रखते हुए शिक्षा मंत्रालय ने बोधन नाम से एक ऐप तैयार किया है. बोधन ऐप स्टूडेंट्स को आत्मबोध कराएगा. इस ऐप से स्टूडेंट्स किसी भी भाषा में कोई भी सवाल पूछ सकते हैं. इससे ज्ञान को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा.
उन्होंने कहा कि अक्सर स्टूडेंट्स क्लासरूम में सवाल पूछने में झिझकते हैं. उन्हें डर रहता है कि कहीं उनका सवाल गलत न हो या शिक्षक ठीक से जवाब न दें, लेकिन अब AI के माध्यम से छात्र बिना झिझक कोई भी सवाल पूछ सकते हैं और तुरंत जवाब पा सकते हैं.
AI का इस्तेमाल कैसे बेहतर हो?
AI के सही और गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता से जुड़े सवाल के जवाब में विनीत जोशी ने कहा कि बच्चों से पहले शिक्षकों को AI की सही जानकारी और प्रशिक्षण देना ज्यादा जरूरी है. अगर शिक्षक सक्षम होंगे, तभी स्टूडेंट्स AI का संतुलित और सही उपयोग कर पाएंगे. उन्होंने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में साफ कहा गया था कि आने वाले समय में टेक्नोलॉजी, खासकर AI का इस्तेमाल बढ़ेगा. भारत अगर विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनना चाहता है, तो उसे शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में तकनीक का पूरा लाभ उठाना होगा.
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